इंग्लैंड के खिलाफ अंडर 19 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में विहान मल्होत्रा को कैच के बावजूद अंपायर ने नॉटआउट दे दिया. जिसकी काफी चर्चा हो रही है. हरारे में भारत और इंग्लैंड की टीम अंडर 19 वर्ल्ड कप के फाइनल में शु्क्रवार को आमने सामने है. भारतीय टीम पहले बैटिंग करने उतरी. जहां वैभव सूर्यवंशी की 175 रन की पारी की बदौलत भारत की यंग टीम ने 50 ओवर में 9 विकेट पर 411 रन बनाए. भारत की पारी के दौरान विहान के कैच को लेकर काफी चर्चा हो रही है, जब उनके शॉट को इंग्लिश फील्डर ने कैच कर लिया, मगर इसके बावजूद अंपायर ने उन्हें नॉटआउट दिया.
फरहान अहमद के 28.1 ओवर में ऐसी स्थिति बनी कि इंग्लैंड के खिलाड़ी कन्फ्यूज हो गए और वे आपस में बहस करने लगे.
क्या कहता है नियम?
कैच से जुड़े MCC के नियम 33.3 के अनुसार विहान को नॉटआउट दिया गया. नियम के अनुसार कैच की प्रक्रिया तब शुरू होगी, जब गेंद पहली बार किसी फील्डर के शरीर से टकराएगी और तब खत्म होगी जब फील्डर गेंद और अपने मूवमेंट दोनों पर पूरा कंट्रोल पा लेगा. कैच पूरा करने के लिए फील्डर को गेंद पर पूरा कंट्रोल पाना होगा और गेंद के किसी भी हिस्से को जमीन से छूने से रोकना होगा.
कंट्रोल बनाए रखने में नाकाम
विहान के मामले में फरहान अहमद ने पूरी प्रक्रिया के दौरान पूरा कंट्रोल दिखाया, लेकिन वह पूरा कंट्रोल बनाए रखने में नाकाम रहे. जब वह डाइव लगाने के बाद खड़े हुए, तो उन्होंने गेंद को जमीन से पुश कर दिया. नियम के अनुसार कैच के लिए पूरे कंट्रोल की जरूरत होती है, लेकिन वह उस शर्त को पूरा नहीं कर पाए. तीसरे अंपायर ने बल्लेबाज के पक्ष में फैसला सुनाया, जिससे विहान मल्होत्रा को नॉट आउट करार दिया गया. इंग्लैंड के खिलाड़ियों ने इस फैसले पर बातचीत करके अंपायर के फैसले पर अपनी नाराजगी जाहिर की, लेकिन अंपायर अपने मूल फैसले पर कायम रहे. हालांकि विहान इसका फायदा नहीं उठा पाए और 36 गेंदों में 30 रन बनाकर जेम्स मिंटो की गेंद पर आउट हो गए.

