ODI क्रिकेट के भविष्य को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं क्योंकि दुनिया भर में T20 क्रिकेट और फ्रैंचाइजी लीग्स का दायरा तेजी से फैल रहा है। 50 ओवर फॉर्मेट के मैच लगातार कम होते जा रहे हैं और द्विपक्षीय सीरीज भी पहले के मुकाबले काफी घट गई हैं। टेस्ट क्रिकेट को भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसी प्रमुख टीमों के चलते मजबूती मिल रही है, जबकि T20 लीग्स से खिलाड़ियों को भारी वित्तीय लाभ हो रहा है। ऐसे में 50 ओवरों का पारंपरिक प्रारूप लगातार साइडलाइन होता दिख रहा है। जनवरी 2021 के बाद के आंकड़ों पर नजर डालें तो टीमों ने वनडे की तुलना में T20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले काफी अधिक खेले हैं। इस बदलाव के बीच क्रिकेट जगत में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या भविष्य में वनडे क्रिकेट सिर्फ विश्व कप जैसे टूर्नामेंट्स तक ही सीमित रह जाएगा।
ODI Cricket Format के घटते मैचों पर छिड़ी बहस, T20 और Test Cricket बना बड़ी वजह
ODI क्रिकेट के भविष्य को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं क्योंकि दुनिया भर में T20 क्रिकेट और फ्रैंचाइजी लीग्स का दायरा तेजी से फैल रहा है। 50 ओवर फॉर्मेट के मैच लगातार कम होते जा रहे हैं और द्विपक्षीय सीरीज भी पहले के मुकाबले काफी घट गई हैं। टेस्ट क्रिकेट को भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका जैसी प्रमुख टीमों के चलते मजबूती मिल रही है, जबकि T20 लीग्स से खिलाड़ियों को भारी वित्तीय लाभ हो रहा है। ऐसे में 50 ओवरों का पारंपरिक प्रारूप लगातार साइडलाइन होता दिख रहा है। जनवरी 2021 के बाद के आंकड़ों पर नजर डालें तो टीमों ने वनडे की तुलना में T20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले काफी अधिक खेले हैं। इस बदलाव के बीच क्रिकेट जगत में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या भविष्य में वनडे क्रिकेट सिर्फ विश्व कप जैसे टूर्नामेंट्स तक ही सीमित रह जाएगा।
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