Duleep Trophy के फाइनल में 270 रनों की पारी के बाद इशान किशन ने खोला राज

Duleep Trophy के फाइनल मुकाबले में 270 रनों की पारी खेलकर टीम के स्कोर को 700 के पार पहुंचाया गया। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कप्तानी और लीडरशिप की भूमिका पर बात की गई। यह बताया गया कि कप्तानी मिलने के बाद खेल में व्यक्तिगत और पेशेवर रूप से सुधार हुआ है। टीम के सीनियर खिलाड़ियों पर निर्भर रहने के बजाय अब आगे बढ़कर जिम्मेदारी लेने और प्राथमिक भूमिका निभाने की बात कही गई। घरेलू सत्र में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और रणजी ट्रॉफी में लगातार रन बनाने के सफर का उल्लेख हुआ। यह भी साझा किया गया कि कप्तानी से सोच में बदलाव आता है और मैदान पर हर स्थिति के प्रति सतर्कता बढ़ती है। साथी खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर ध्यान देने और टीम को प्राथमिकता देने से परिणाम बेहतर होते हैं। इस दोहरे शतक के बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

Duleep Trophy के फाइनल मुकाबले में 270 रनों की पारी खेलकर टीम के स्कोर को 700 के पार पहुंचाया गया। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कप्तानी और लीडरशिप की भूमिका पर बात की गई। यह बताया गया कि कप्तानी मिलने के बाद खेल में व्यक्तिगत और पेशेवर रूप से सुधार हुआ है। टीम के सीनियर खिलाड़ियों पर निर्भर रहने के बजाय अब आगे बढ़कर जिम्मेदारी लेने और प्राथमिक भूमिका निभाने की बात कही गई। घरेलू सत्र में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी और रणजी ट्रॉफी में लगातार रन बनाने के सफर का उल्लेख हुआ। यह भी साझा किया गया कि कप्तानी से सोच में बदलाव आता है और मैदान पर हर स्थिति के प्रति सतर्कता बढ़ती है। साथी खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर ध्यान देने और टीम को प्राथमिकता देने से परिणाम बेहतर होते हैं। इस दोहरे शतक के बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।