भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे मुकाबले में चार सौ से ज्यादा रनों के चेज और सपाट पिचों को लेकर चर्चा की गई। चर्चा में कहा गया कि ऐसी पिचों पर बड़े स्कोर बनने और बल्लेबाजों के शतक आने के बावजूद यह टीम इंडिया की आगे की तैयारियों के लिए नुकसानदेह हो सकता है। हेड कोच गौतम गंभीर और पूर्व कोच रवि शास्त्री के हवाले से नेशनल हाईवे जैसी पिचों की आलोचना का जिक्र किया गया। चर्चा में यह बिंदु भी उठा कि विदेशी दौरों और आईसीसी टूर्नामेंट्स में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां मिलेंगी, जहां सपाट पिचों की आदत परेशानी खड़ी कर सकती है। इसके साथ ही शुभमन गिल, रोहित शर्मा की बल्लेबाजी, तीसरे वनडे में संभावित बदलाव, यशस्वी जायसवाल को मौका मिलने और गेंदबाजों के वर्कलोड मैनेजमेंट पर भी बात हुई।
गंभीर खुश क्यों नहीं? रोहित-गिल की सेंचुरी के बाद भी क्या है बड़ी टेंशन?
भारत और वेस्टइंडीज के बीच वनडे मुकाबले में चार सौ से ज्यादा रनों के चेज और सपाट पिचों को लेकर चर्चा की गई। चर्चा में कहा गया कि ऐसी पिचों पर बड़े स्कोर बनने और बल्लेबाजों के शतक आने के बावजूद यह टीम इंडिया की आगे की तैयारियों के लिए नुकसानदेह हो सकता है। हेड कोच गौतम गंभीर और पूर्व कोच रवि शास्त्री के हवाले से नेशनल हाईवे जैसी पिचों की आलोचना का जिक्र किया गया। चर्चा में यह बिंदु भी उठा कि विदेशी दौरों और आईसीसी टूर्नामेंट्स में चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां मिलेंगी, जहां सपाट पिचों की आदत परेशानी खड़ी कर सकती है। इसके साथ ही शुभमन गिल, रोहित शर्मा की बल्लेबाजी, तीसरे वनडे में संभावित बदलाव, यशस्वी जायसवाल को मौका मिलने और गेंदबाजों के वर्कलोड मैनेजमेंट पर भी बात हुई।
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