इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच खेली जा रही टेस्ट सीरीज के दौरान पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के फैसलों पर सवाल उठ रहे हैं। लगातार मैचों में हार के बाद टीम प्रबंधन और खिलाड़ियों में कई बदलाव किए गए हैं। तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के दूसरे मुकाबले के बाद ही सात खिलाड़ियों को वापस भेजने का फैसला लिया गया। इसके साथ ही कोचिंग स्टाफ में भी फेरबदल करते हुए पूर्व खिलाड़ियों को जिम्मेदारी से हटाया गया और अंतिम टेस्ट के लिए नई व्यवस्था की गई है। सीरीज के बीच में लिए गए इन फैसलों को लेकर पूर्व क्रिकेटरों ने चिंता जताई है। उनका मानना है कि बोर्ड में जल्दबाजी और असुरक्षा के माहौल के कारण टीम प्रबंधन को स्थिरता नहीं मिल पा रही है। खिलाड़ियों और कोचों को पर्याप्त समय और समर्थन दिए बिना प्रदर्शन में निरंतरता लाना कठिन होगा।
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इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच खेली जा रही टेस्ट सीरीज के दौरान पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के फैसलों पर सवाल उठ रहे हैं। लगातार मैचों में हार के बाद टीम प्रबंधन और खिलाड़ियों में कई बदलाव किए गए हैं। तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के दूसरे मुकाबले के बाद ही सात खिलाड़ियों को वापस भेजने का फैसला लिया गया। इसके साथ ही कोचिंग स्टाफ में भी फेरबदल करते हुए पूर्व खिलाड़ियों को जिम्मेदारी से हटाया गया और अंतिम टेस्ट के लिए नई व्यवस्था की गई है। सीरीज के बीच में लिए गए इन फैसलों को लेकर पूर्व क्रिकेटरों ने चिंता जताई है। उनका मानना है कि बोर्ड में जल्दबाजी और असुरक्षा के माहौल के कारण टीम प्रबंधन को स्थिरता नहीं मिल पा रही है। खिलाड़ियों और कोचों को पर्याप्त समय और समर्थन दिए बिना प्रदर्शन में निरंतरता लाना कठिन होगा।
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