इस वीडियो में भारतीय क्रिकेट टीम के मौजूदा ड्रेसिंग रूम के माहौल की तुलना ग्रेग चैपल के दौर से की गई है। चर्चा में बताया गया है कि चैपल के समय में टीम में स्पष्ट खेमे थे, लेकिन आज के समय में खिलाड़ियों के बीच भारी असुरक्षा और कन्फ्यूजन है। कप्तान, उपकप्तान और युवा खिलाड़ियों को अपनी जगह को लेकर स्पष्टता नहीं है। यह भी कहा गया है कि भारत में टैलेंट की कोई कमी नहीं है, लेकिन टीम के खराब प्रदर्शन का मुख्य कारण यही असुरक्षा है। इसके अलावा रोहित शर्मा के भविष्य पर भी बात की गई है कि क्या उन्हें 2027 वर्ल्ड कप के लिए टीम में चुना जा रहा है या फिर बाहर करने के लिए। अंत में अजय जडेजा के उस बयान का जिक्र है जिसमें कहा गया था कि खिलाड़ी को सिलेक्शन के लिए खिलाया जाता है या रिजेक्शन के लिए।
क्या टीम इंडिया में कन्फ्यूजन है? चैपल युग से तुलना और रोहित शर्मा के वर्ल्ड कप पर चर्चा
इस वीडियो में भारतीय क्रिकेट टीम के मौजूदा ड्रेसिंग रूम के माहौल की तुलना ग्रेग चैपल के दौर से की गई है। चर्चा में बताया गया है कि चैपल के समय में टीम में स्पष्ट खेमे थे, लेकिन आज के समय में खिलाड़ियों के बीच भारी असुरक्षा और कन्फ्यूजन है। कप्तान, उपकप्तान और युवा खिलाड़ियों को अपनी जगह को लेकर स्पष्टता नहीं है। यह भी कहा गया है कि भारत में टैलेंट की कोई कमी नहीं है, लेकिन टीम के खराब प्रदर्शन का मुख्य कारण यही असुरक्षा है। इसके अलावा रोहित शर्मा के भविष्य पर भी बात की गई है कि क्या उन्हें 2027 वर्ल्ड कप के लिए टीम में चुना जा रहा है या फिर बाहर करने के लिए। अंत में अजय जडेजा के उस बयान का जिक्र है जिसमें कहा गया था कि खिलाड़ी को सिलेक्शन के लिए खिलाया जाता है या रिजेक्शन के लिए।
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