टीम इंडिया में पार्ट-टाइम बॉलर्स की कमी, इम्पैक्ट प्लेयर न‍ियम का असर

इस वीडियो में भारतीय क्रिकेट टीम के वाइट बॉल कॉम्बिनेशन और टीम में पार्ट-टाइम गेंदबाजों की कमी पर चर्चा की गई है। 2011 वर्ल्ड कप विजेता टीम में वीरेंद्र सहवाग, सचिन तेंदुलकर, युवराज सिंह और सुरेश रैना जैसे बल्लेबाज गेंदबाजी का विकल्प देते थे, लेकिन मौजूदा समय में इम्पैक्ट प्लेयर रूल के कारण खिलाड़ी वन-डायमेंशनल हो गए हैं। शुभमन गिल, रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल जैसे टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज गेंदबाजी नहीं करते हैं। इसके अलावा, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और अर्शदीप सिंह के पेस अटैक की तारीफ की गई है और साउथ अफ्रीका के केप टाउन, सेंचुरियन और डरबन जैसे मैदानों पर मौसम और पिच के हिसाब से प्लेइंग इलेवन चुनने पर बात हुई है। निचले क्रम में वाशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल जैसे ऑलराउंडर्स के योगदान और टीम में लेफ्ट हैंड बल्लेबाजों की जरूरत पर भी विचार रखे गए हैं।

इस वीडियो में भारतीय क्रिकेट टीम के वाइट बॉल कॉम्बिनेशन और टीम में पार्ट-टाइम गेंदबाजों की कमी पर चर्चा की गई है। 2011 वर्ल्ड कप विजेता टीम में वीरेंद्र सहवाग, सचिन तेंदुलकर, युवराज सिंह और सुरेश रैना जैसे बल्लेबाज गेंदबाजी का विकल्प देते थे, लेकिन मौजूदा समय में इम्पैक्ट प्लेयर रूल के कारण खिलाड़ी वन-डायमेंशनल हो गए हैं। शुभमन गिल, रोहित शर्मा और यशस्वी जायसवाल जैसे टॉप ऑर्डर के बल्लेबाज गेंदबाजी नहीं करते हैं। इसके अलावा, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और अर्शदीप सिंह के पेस अटैक की तारीफ की गई है और साउथ अफ्रीका के केप टाउन, सेंचुरियन और डरबन जैसे मैदानों पर मौसम और पिच के हिसाब से प्लेइंग इलेवन चुनने पर बात हुई है। निचले क्रम में वाशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल जैसे ऑलराउंडर्स के योगदान और टीम में लेफ्ट हैंड बल्लेबाजों की जरूरत पर भी विचार रखे गए हैं।