पिछले सीजन जिस कर्नाटक की टीम से फाइनल में हारकर विदर्भ विजय हजारे ट्रॉफी का खिताब जीतने से एक कदम पीछे रह गई थी, उसी विदर्भ ने एक साल बाद कर्नाटक को सेमीफाइनल में हराकर न सिर्फ बदला लिया, बल्कि एक बार फिर फाइनल में जगह बनाकर खिताब की ओर मजबूत कदम बढ़ा दिया. विदर्भ के लिए अमन मोखाड़े (138) का बल्ला जमकर गरजा और उन्होंने 281 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सीजन का पांचवां शतक जड़ा. उनकी शानदार पारी की बदौलत विदर्भ ने छह विकेट से आसान जीत दर्ज की. वहीं गेंदबाजी में दर्शन नालकंडे ने पांच विकेट लेकर अहम भूमिका निभाई, जिससे गत चैंपियन कर्नाटक का सफर सेमीफाइनल में ही समाप्त हो गया. अब पंजाब और सौराष्ट्र के बीच दूसरे सेमीफाइनल की विजेता टीम से विदर्भ का फाइनल में सामना होगा.
उनके अलावा ध्रुव प्रभाकर ने 33 गेंदों में पांच चौकों की मदद से 28 रन बनाए, जबकि कृष्णन श्रीजीत ने 53 गेंदों में सात चौकों के साथ 54 रन की पारी खेली. इन पारियों के दम पर कर्नाटक की टीम 49.4 ओवर में 280 रन पर ऑलआउट हो गई. विदर्भ की ओर से दर्शन नालकंडे ने 10 ओवर में 48 रन देकर पांच विकेट झटके.
अमन मोखाड़े के शतक से लगातार दूसरी बार फाइनल पहुंची विदर्भ
281 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी विदर्भ की टीम को पहला झटका तब लगा जब सलामी बल्लेबाज अथर्व ताइडे 14 गेंदों में सिर्फ छह रन बनाकर आउट हो गए. इसके बाद अमन मोखाड़े और ध्रुव शोरे ने पारी को संभालते हुए तीसरे विकेट के लिए 98 रन की साझेदारी की.
ध्रुव शोरे 64 गेंदों में पांच चौकों की मदद से 47 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन इसके बाद रविकुमार समर्थ ने अमन मोखाड़े का शानदार साथ निभाया. अमन मोखाड़े ने 101 गेंदों में विजय हजारे ट्रॉफी के मौजूदा सीजन का अपना पांचवां शतक जड़ा, जिससे मुकाबला पूरी तरह एकतरफा हो गया.

