विदर्भ ने आखिरकार इतिहास रच दिया है और पहली बार विजय हजारे ट्रॉफी का खिताब अपने नाम कर लिया है. विदर्भ ने फाइनल में सौराष्ट्र को 38 रन से धूल चटा दी. दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला बेंगलुरु में खेला गया. 12 महीनों के बाद विदर्भ ने जीत का स्वाद चखा है. ये वही टीम है जो पिछले साल भी फाइनल में थी लेकिन उस दौरान टीम को कर्नाटक के खिलाफ हार मिली थी.
ताइडे को इस दौरान यश राठौड़ का सपोर्ट मिला जिन्होंने 54 रन ठोके और मिडिल ऑर्डर में अहम योगदान दिया. इसका नतीजा ये रहा कि विदर्भ की टीम ने 8 विकेट गंवा 50 ओवरों में 317 रन ठोक दिए. विदर्भ की ओर से अथर्व के अलावा यश राठौड़ ने 54 और अमन मोखाड़े ने 33 रन बनाए. इसके अलावा और कोई बैटर कुछ खास नहीं कर पाया.
चेज नहीं कर पाई सौराष्ट्र की टीम
318 रन का पीछे करने के दौरान सौराष्ट्र की टीम ने जल्दी विकेट गंवाए जिससे टीम का नुकसान हुआ. प्रेरक मांकड़ ने 88 रन की पारी खेली. वहीं चिराग जानी ने 64 रन बनाए. लेकिन विदर्भ के गेंदबाजों ने अनुशासित गेंदबाजी की और ज्यादा रन नहीं दिए. इस तरह सौराष्ट्र की टीम 48.5 ओवरों में ऑलआउट हो गई.
सौराष्ट्र की टीम की ओर से यश ठाकुर ने गेंदबाजी में कमाल कर दिया. ठाकुर ने 4 विकेट लिए. वहीं नचिकेत भूटे ने 3, दर्शन नालकंडे ने 2 और हर्ष दुबे ने 1 विकेट लिया. बता दें कि सौराष्ट्र की टीम विजय हजारे की दो बार की चैंपियन है. लेकिन इस बार टीम अंतिम समय पर आकर हार गई. टीम दूसरी बार फाइनल में हारी है.

