कर्नाटक ने विजय हजारे ट्रॉफी के सेमीफाइनल में जगह बना ली है. सोमवार को टीम ने मुंबई के खिलाफ 55 रन से जीत हासिल की. दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में खेला गया. कर्नाटक की टीम को ये जीत वीजेडी नियम के तहत दे दिया गया. इस नियम को डोमेस्टिक का DLS कहा जाता है जिसका फैसला कई सारे ग्राफ्स के आधार पर लिया जाता है.
देवदत्त पडिक्कल और करुण नायर इस मैच में 95 गेंदों पर 81 रन बनाकर नाबाद रहे. वहीं नायर ने 80 गेंदों पर 74 रन ठोके. कर्नाटक ने टॉस जीता और मुंबई को पहले बैटिंग का न्योता दिया. लेकिन पूरी टीम 8 विकेट गंवा 254 रन ही बना पाई. विद्याधर पाटिल ने सबसे ज्यादा तीन विकेट. वहीं विद्वत कावेरप्पा और अभिलाष शेट्टी ने दो- दो विकेट लिए. शम्स मुलानी ने मुंबई के लिए सबसे अच्छी पारी खेली 91 गेंदों पर 86 रन बनाए. दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे.
फ्लॉप रहे मुंबई के बैटर्स
मुंबई की टीम ने अंगकृष रघुवंशी और इशान मुलचंदानी के साथ ओपनिंग की शुरुआत की. दोनों ने पहले विकेट के लिए 36 रन जोड़े लेकिन इशान 20 रन बनाकर आउट हो गए. मुशीर खान भी फ्लॉप रहे. इसके बाद रघुवंशी आउट हुए. 15 ओवरों में मुंबई ने 57 रन पर 3 विकेट गंवा दिए थे. फिर सिराज पाटिल ने 33 रन ठोक टीम को 254 रन तक पहुंचाया.
कर्नाटक की बात करें कप्तान मयंक अग्रवाल फ्लॉप रहे और सिर्फ 12 रन बनाकर आउट हो गए. हालांकि देवदत्त पडिक्कल ने अपनी धांसू फॉर्म जारी रखी. पडिक्कल ने करुण नायर के साथ मिलकर स्कोर को 187 रन तक पहुंचा दिया. लेकिन अंत में फिर वीजेडी नियम के तहत कर्नाटक की झोली में जीत डाल दी गई.

