अहमदाबाद. भारतीय टीम (Indian Cricket Team) में खेलना किसी भी युवा क्रिकेटर का सपना होता है. इस सपने के पूरा होने का इंतजार कई बार काफी लंबा हो जाता है तो कई मौकों पर किस्मत आप पर मेहरबान होती है. वेस्टइंडीज (West Indies) के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज (One Day Series) में भी टीम इंडिया (Team India) की ओर से एक ऑलराउंडर ने अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर का आगाज किया. पहले मैच में भारतीय टीम के लिए दीपक हुड्डा (Deepak Hooda) ने डेब्यू किया और सूर्यकुमार यादव के साथ मिलकर टीम को 6 विकेट से आसान जीत दिलाई. अब वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे वनडे में टीम की 44 रन की जीत के बाद हुड्डा ने इस बात का खुलासा किया कि उनका सपना था कि वो महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni) या फिर विराट कोहली (Virat Kohli) के हाथ अपनी डेब्यू कैप हासिल करें. बता दें कि विंडीज के खिलाफ अहमदाबाद में खेले गए पहले वनडे में कोहली ने ही दीपक को उनकी डेब्यू कैप सौंपी थी.
इस टीम का हिस्सा होना सम्मान की बात
इस बारे मे ऑलराउंडर दीपक हुड्डा ने कहा कि वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे के दौरान भारतीय टीम की कैप विराट कोहली से हासिल करने से उनका बचपन का सपना सच हो गया. हुड्डा का हमेशा से सपना भारत के लिए खेलना और महेंद्र सिंह धोनी या विराट कोहली से डेब्यू कैप पाना था. उन्होंने वेस्टइंडीज पर दूसरे वनडे में 44 रन से जीत के बाद ‘बीसीसीआई टीवी’ पर सूर्यकुमार यादव से बात करते हुए कहा, ‘पहले वनडे में मैंने भारत के लिए डेब्यू किया. यह अद्भुत अहसास था. इस टीम का हिस्सा होना बहुत बड़ा सम्मान है.’
अच्छी चीजों में समय लगता ही है
दीपक हुड्डा ने कहा, ‘पहले भी जब मैं टीम में आया तो विराट भाई नहीं थे. मैंने बड़े होते हुए उन्हें एक लेजेंड बनते देखा. माही भाई पहले ही एक लेजेंड थे. मेरा बचपन का सपना इन दोनों में से किसी से भारत की कैप पाना था. ऐसे में कोहली से कैप लेकर बहुत अच्छा लगा.’ हुड्डा को 2017 में भारत की टी20 टीम में चुना गया था लेकिन खेलने का मौका नहीं मिला ऐसे में उनके सपने को सच होने में करीब पांच साल का वक्त लग गया. यह पूछने पर कि राष्ट्रीय टीम में जगह पाने के लिए उनकी प्रेरणा क्या रही, दीपक ने कहा, ‘मैंने लक्ष्य से भटके बिना प्रक्रिया पर फोकस किया. अच्छी चीजों में समय लगता है लेकिन आपको तैयार रहना होता है. कोच राहुल द्रविड़, कप्तान रोहित शर्मा और कोहली के साथ ड्रेसिंग रूम में रहने का अहसास ही अलग है. उनसे सीखने के लिए बहुत कुछ है. मैं वही कोशिश कर रहा हूं.’

