हरमनप्रीत कौर की अगुआई वाली टीम इंडिया का महिला T20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफ़ाइनल में पहुंचने का रास्ता अभी खुला हुआ है, लेकिन ग्रुप स्टेज के आखिरी दौर में हरमनप्रीत की टीम अब पास अब गलती की कोई गुंजाइश नहीं बची है. टूर्नामेंट में भारत को अपनी पहली हार तब मिली, जब साउथ अफ़्रीका ने मैनचेस्टर में 158 रन का लक्ष्य हासिल कर छह विकेट से जीत दर्ज की. इस नतीजे ने सेमीफाइनल की दौड़ को और कड़ा बना दिया है और बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत के बचे हुए मैचों की अहमियत बढ़ा दी है.
कैसे सेमीफाइनल में पहुंच सकती है टीम इंडिया ?
- भारतीय टीम के लिए सेमीफाइनल में पहुंचने की सबसे ज्यादा संभावना तब है, जब वे बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बचे अपने दोनों मैच जीत जाए. वे तब क्वालिफ़ाई करेंगे जब साउथ अफ़्रीका या ऑस्ट्रेलिया में से कोई भी अपना बचा हुआ एक मैच हार जाए और अगर ऐसा नहीं भी होता है तो भारतीय टीम को उम्मीद करनी होगी कि साउथ अफ्रीका की टीम नेट रन रेट के मामले में उससे आगे न निकल पाए.
- अगर भारत बांग्लादेश को हरा देता है लेकिन ऑस्ट्रेलिया से हार जाता है, तब भी वे क्वालिफ़ाई कर सकते हैं. ऐसा होने के लिए साउथ अफ़्रीका को अपना बचा हुआ एक मैच हारना होगा और छह अंकों के साथ भारत के बराबर आना होगा. इसके बाद सेमीफाइनल में जगह का फैसला नेट रन रेट (NRR) से होगा.
- अगर भारतीय टीम बांग्लादेश और ऑस्ट्रेलिया दोनों को हरा देती है, ऑस्ट्रेलिया पाकिसतान को हरा दें और साउथ अफ्रीका अपने बाकी बचे दोनों मैच जीत जाए तो ऐसी स्थिति भारत, ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका तीनों टीमों के बराबर आठ अंक हो जाएंगे. ऐसे में बेहतर नेट रन रेट वाली दो टीमें सेमीफाइनल में पहुंच जाएगी. इस समय भारत का नेट रन रेट साउथ अफ्रीका से काफी बेहतर है.
भारत और साउथ अफ्रीका में किसकी दावेदारी मजबूत?
साउथ अफ्रीका की टीम भी गुरुवार को नेदरलैंड्स से टकराएगी. जिस पर टीम इंडिया की भी नजर होगी, क्योंकि इस मैच में साउथ अफ्रीका की टीम अपना नेट रन रेट सुधार सकती है. फिलहाल तो सेमीफाइनल की रेस में भारतीय टीम साउथ अफ्रीका से आगे है. भले ही दोनों के बराकर पॉइंट है, मगर तीन मैचों के बाद भारतीय टीम का नेट रन रेट 2.511 है, जबकि साउथ अफ्रीका का नेट रन रेट -0.546 है. अगर दोनों टीमों अपने बाकी बचे दोनों मैच भी जीत जाती है, तब भी भारत की सेमीफाइनल की संभावना काफी ज्यादा होगी.


