IPL 2027 से बाहर रह सकते हैं मिचेल स्टार्क, दिल्ली कैपिटल्स की बढ़ी मुश्किलें, जानें वजह

SportsTak

SportsTak

अपडेटेड:

google-icon
मिचेल स्टार्क
मिचेल स्टार्क

Story Highlights:

IPL 2027 से पहले दिल्ली कैपिटल्स को मिचेल स्टार्क के बाहर होने का झटका

ऑस्ट्रेलिया को आने वाले समय में कई अहम टेस्ट सीरीज खेलनी हैं

आईपीएल 2027 सीजन के लिए फ्रेंचाइजी टीमों ने अभी से तैयारी करना शुरू कर दिया है. दिल्ली कैपिटल्स ने हाल ही में सौरव गांगुली को जहां हेड कोच बनाया, वहीं ऋषभ पंत की भी टीम में वापसी हुई है. इसके अलावा भारत को अभिषेक शर्मा जैसा तूफानी बल्लेबाज देने वाले युवराज सिंह भी अब दिल्ली कैपिटल्स से जुड़ चुके हैं. युवराज पहली बार आईपीएल में किसी फ्रेंचाइजी के साथ काम करते नजर आएंगे. इस तरह दिल्ली काफी जोश और जुनून के साथ जहां अगले साल के लिए तैयारी में व्यस्त है, वहीं दिल्ली कैपिटल्स को एक बड़ा झटका भी लगता नजर आ रहा है. उनकी टीम के सबसे धाकड़ तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क आईपीएल 2027 सीजन से बाहर रह सकते हैं और इसके संकेत मिलने लगे हैं. ऐसे में दिल्ली को तमाम बदलावों के बाद अब स्टार्क का विकल्प भी खोजना होगा. अगर स्टार्क आईपीएल 2027 से नाम वापस लेते हैं, तो फिर दिल्ली कैपिटल्स की टीम उन्हें रिटेन लिस्ट से बाहर रखेगी और उनकी जगह किसी अन्य खिलाड़ी को तरजीह देगी. फिलहाल स्टार्क को लेकर रिपोर्ट सामने आई है और कुछ भी आधिकारिक नहीं है.

मिचेल स्टार्क को कौन-कौन सी सीरीज खेलनी है?

स्टार्क इस समय साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेल रहे हैं. इसके बाद घर पर इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में खेलते नजर आ सकते हैं. इंग्लैंड की टीम ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर तीन वनडे मैचों की सीरीज भी खेलेगी. इस सीरीज के बाद दिसंबर माह में न्यूजीलैंड की टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाएगी और पहली बार दोनों देशों के बीच चार टेस्ट मैचों की सीरीज होगी. इस सीरीज में स्टार्क गेंदबाजी करते नजर आएंगे, तो उसके बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम सीधे भारत के लंबे दौरे पर आएगी. भारत में करीब एक से डेढ़ माह तक भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच टेस्ट मैचों की बॉर्डर-गावस्कर टेस्ट सीरीज होगी. फिर एशेज सीरीज के 150 साल पूरे होने पर स्टार्क अपने घर यानी मेलबर्न के मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ एकमात्र टेस्ट खेलते नजर आ सकते हैं. यानी देखा जाए, तो साउथ अफ्रीका के खिलाफ बाकी दो टेस्ट, न्यूजीलैंड के खिलाफ बाकी चार, भारत के खिलाफ पांच टेस्ट और एक मेलबर्न टेस्ट मिलाकर देखें, तो 12 टेस्ट मैच स्टार्क के सामने नजर आ रहे हैं.

अंगकृष रघुवंशी लगातार दो दोहरे शतक लगाकर मुंबई रणजी टीम में शामिल

आईपीएल खेले तो भारत में पांच महीने तक रहना होगा

अब इन 12 टेस्ट मैचों के अलावा ऑस्ट्रेलियाई टीम वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के फाइनल में जाने की दावेदार भी नजर आ रही है. अगर ऑस्ट्रेलियाई टीम फाइनल खेली, तो उसमें स्टार्क फिर से जून माह में यह बड़ा मुकाबला खेलते नजर आएंगे. इस मैच के बाद भी फौरन एशेज सीरीज का आगाज इंग्लैंड में होगा और स्टार्क अगले साल एशेज सीरीज 2027 में भी खेलते नजर आएंगे. इस एशेज के बाद स्टार्क साउथ अफ्रीका में होने वाले वर्ल्ड कप 2027 में भी कहर बरपाना चाहेंगे. कुल मिलाकर देखा जाए, तो इसी टाइट शेड्यूल के चलते वह खुद को आईपीएल से ब्रेक देना चाहते हैं, क्योंकि 21 जनवरी से भारत में टेस्ट सीरीज का आगाज होगा और 3 मार्च को पांचवें टेस्ट मैच का अंतिम दिन होगा. इसके फौरन बाद आईपीएल 2027 का आगाज हो जाएगा. यानी स्टार्क अगर आईपीएल खेलते, तो जनवरी से लेकर मई तक यानी पांच महीने उनके भारत में ही बीत जाएंगे. इस लंबी थकान से बचने के लिए वह आईपीएल से ब्रेक लेकर एशेज और फिर वर्ल्ड कप 2027 के लिए खुद को तरोताजा रखना चाहेंगे.

ऑस्ट्रेलिया के हेड कोच का क्या मानना है?

अब मिचेल स्टार्क ही नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले अन्य प्रमुख खिलाड़ी भी आईपीएल 2027 से किनारा कर सकते हैं, क्योंकि सभी खिलाड़ियों के वर्कलोड को ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड मैनेज करना चाहेगा. उनके कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड पहले ही कह चुके हैं कि नेशनल ड्यूटी और फ्रेंचाइजी कमिटमेंट्स में बैलेंस बनाना बेहद जरूरी है. आईपीएल एक हाई कैलिबर टी20 टूर्नामेंट है, जो प्लेयर के डेवलपमेंट में तो मदद करता है, लेकिन खिलाड़ी का फिजिकल मैनेजमेंट भी बेहद जरूरी है. ऑस्ट्रेलिया के इतने व्यस्त शेड्यूल को देखते हुए एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने आईसीसी से वर्ल्ड कप 2027 के लिए 15 की बजाय 18 खिलाड़ियों को स्क्वॉड में रखने की अपील की थी, क्योंकि साउथ अफ्रीका में होने वाला वर्ल्ड कप 2 अक्टूबर को शुरू होगा और 21 नवंबर को फाइनल खेला जाएगा. इसमें एक टीम अगर फाइनल तक जाती है, तो उसे कुल 13 मैच खेलने होंगे. इन बढ़ी हुई मैचों की संख्या और ऑस्ट्रेलिया के टाइट शेड्यूल को देखकर मैकडोनाल्ड चाहते हैं कि अधिक से अधिक खिलाड़ी वर्ल्ड कप में जाएं, तो इंजरी का मुकाबला करने में भी मदद मिलेगी और रिप्लेसमेंट खिलाड़ी पूर्ण रूप से तैयार मिलेगा.