Irani Cup: सरफराज खान ने ईरानी कप में दोहरा शतक ठोक रचा इतिहास, मुंबई के लिए ऐसा करने वाले बने पहले बल्लेबाज

Neeraj Singh

Neeraj Singh

अपडेटेड:

sarfaraz khan irani cup
sarfaraz khan irani cup

Story Highlights:

Irani Cup: सरफाज खान ने ईरानी कप में दोहरा शतक ठोक दिया है

Irani Cup: सरफराज खान ने 253 गेंदों पर 200 रन पूरे किए

सरफराज खान ने ईरानी कप में इतिहास रच दिया है. इस बल्लेबाज ने रेस्ट ऑफ इंडिया के खिलाफ दोहरा शतक ठोक दिया है. सरफराज वही बल्लेबाज हैं जो ठीक दो दिन पहले कानपुर टेस्ट में टीम इंडिया के बाकी खिलाड़ियों को ड्रिंक्स पिला रहे थे. लेकिन लखनऊ के मैदान पर सरफराज ने ऐसी पारी खेली जिसने एक बार सेलेक्टर्स को कंफ्यूज कर दिया है. सरफराज ने जब पारी की शुरुआत की तब से ही वो लय में नजर आए. इस बल्लेबाज ने सबसे पहले 150 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया और फिर रहाणे के साथ टीम के लिए अहम साझेदारी की. 

इसके बाद सरफराज ने 150 और फिर 253 गेंदों पर 200 रन पूरे किए. अपनी पारी में इस बल्लेबाज ने 23 चौके और 1 छक्का लगाया. सरफराज के दोहरे शतक की बदौलत मुंबई की टीम बड़े स्कोर तक पहुंचने में कामयाब रही. मुंबई ने 8 विकेट के नुकसान पर कुल 483 रन बना लिए हैं. 

बता दें कि सरफराज ने डोमेस्टिक में काफी ज्यादा रन बनाए हैं. इसी का नतीजा था कि उन्हें इंग्लैंड के खिलाफ इस साल की शुरुआत में डेब्यू करने का मौका मिला. दाहिने हाथ के बल्लेबाज ने इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी क्लास दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी और डेब्यू पर दो अर्धशतक ठोके. अब तक ये बल्लेबाज कुल 3 टेस्ट खेल चुका है और 200 से ज्यादा रन बना चुके हैं. वहीं उनकी औसत 50 और कुल 3 अर्धसतक हैं.

मुंबई के लिए ऐसा करने वाले पहले बल्लेबाज


सरफराज खान पहले ऐसे बैटर बन गए हैं जिन्होंने मुंबई के लिए ईरानी कप के इतिहास में दोहरा शतक ठोका है. इसके अलावा सरफराज खान ईरानी कप में दोहरा शतक बनाने वाले चौथे सबसे युवा खिलाड़ी बन गए. 26 साल और 346 दिन की उम्र में सरफराज ने दूसरे दिन 253 गेंदों में अपना दोहरा शतक पूरा किया. उन्हीं के राज्य के साथी यशस्वी जायसवाल 21 साल और 63 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी हैं. प्रवीण आमरे (22 साल और 80 दिन) और गुंडप्पा विश्वनाथ (25 साल और 255 दिन) सूची में सरफराज से आगे हैं. यह ईरानी कप में मुंबई के किसी बल्लेबाज के जरिए बनाया गया सर्वोच्च स्कोर भी था, जिसने 1972 में रामनाथ पारकर द्वारा बनाए गए 195 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया.