टीम इंडिया के धाकड़ तेज गेंदबाजों में शुमार मोहम्मद शमी इन दिनों फिर टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं. साल 2023 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में मिलने वाली हार के बाद शमी ने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में वापसी करते हुए आईसीसी खिताब जीता. लेकिन आईपीएल 2025 सीजन बेहद खराब जाने और फिटनेस समस्या होने के चलते उनको इंग्लैंड दौरे से बाहर रखा गया. जबकि एशिया कप 2025 वाली टीम इंडिया में भी उनका नाम नहीं है. ऐसे में शमी को लेकर अब टीम इंडिया के पूर्व भरत अरुण ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि कैसे रवि शस्त्री ने साल 2018 में शमी का करियर खत्म होने से बचाया.
शमी जब अपने निजी जीवन में काफी परेशान चल रहे थे तो मेरे पास आए और बोले कि पाजी मैं क्रिकेट छोड़ दूंगा. उस समय इंग्लैंड दौरे से पहले हमें अफगानिस्तान के खिलाफ एक मात्र टेस्ट मैच खेलना था. शमी फिटनेस टेस्ट पास नहीं कर सके तो टीम से बाहर भी हो गए थे. मैंने उनसे कहा कि क्रिकेट छोड़ दोगे तो क्या करोगे. तुम जो कुछ भी हो इसी से हो.
भरत अरुण ने आगे कहा,
मैंने उसे समझाया और फिर रवि शास्त्री के पास लेकर गया. शास्त्री ने उससे कहा कि गुस्सा हो न तो गेंद आपके हाथ में हैं और उसके साथ अपना गुस्सा दिखाइये. क्या आप क्रिकेट छोड़ना चाहते हैं क्योंकि आपका शरीर फिट नहीं है. फिर हमने उसे राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी भेजा और सिर्फ यही कहा कि तुम्हे गेंदबाजी नहीं करनी है. बल्कि सिर्फ फिटनेस पर ध्यान देना है. एनसीए में तीन सप्ताह के बाद उसका फोन आया कि मैं घोड़े की तरह भाग रहा हूं. इसके बाद शमी ने इंग्लैंड में पांच टेस्ट मैच खेले और पांचवें टेस्ट के अंतिम दिन भी वह 140 की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहा था. यही उसकी फिटनेस का लेवल था और उसे काफी आत्मविश्वास मिला.
229 टेस्ट विकेट ले चुके हैं शमी
मोहम्मद शमी की बात करें तो साल 2023 वनडे वर्ल्ड कप के बाद वह एंकल और घुटने की चोट के चलते दो साल तक क्रिकेट से दूर रहे. शमी ने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 वाली वनडे टीम इंडिया में जगह बनाई. लेकिनिसके बाद आईपीएल खराब जाने और फिर से फिटनेस समस्या होने के चलते वह बाहर चल रहे हैं. अब शमी फिर से घरेलू क्रिकेट में खुद को साबित करके टीम इंडिया में वापसी करना चाहेंगे. शमी भारत के लिए 64 टेस्ट में 229 विकेट, 108 वनडे में 206 विकेट और 25 टी20 अंतरराष्ट्रीय में उनके नाम 27 विकेट दर्ज हैं.