फ्रांस और इंग्लैंड के बीच फीफा वर्ल्ड कप 2026 का तीसरे स्थान का मैच खेला जाएगा. दोनों टीमें सेमीफाइनल में बाहर हो गई थी. इसके चलते इन दोनों के बीच 19 जुलाई को रात साढ़े 12 बजे से न्यू जर्सी में मुकाबला होना है. फ्रांस को स्पेन ने सेमीफाइनल में मात दी थी तो इंग्लैंड को अर्जेंटीना से शिकस्त झेलनी पड़ी थी. लेकिन फुटबॉल वर्ल्ड कप में यह मैच क्यों होता है और कब से खेला जाता है. जानिए इसकी क्या कहानी है.
फीफा वर्ल्ड कप में तीसरे स्थान के मैच का कोई खास मतलब नहीं होता है. जीतने वाली टीम को बस इस बात की सांत्वना मिलती है कि वह फाइनल में नहीं जा सकी लेकिन वह टूर्नामेंट की तीसरे नंबर की टीम रही. हालांकि उसे ओलिंपिक की तरह कोई कांस्य पदक नहीं मिलता है. लेकिन जीतने वाली टीम को दो मिलियन डॉलर की प्राइज मनी मिलती है.
फ्रांस और इंग्लैंड का कैसा है थर्ड प्लेस मैच का रिकॉर्ड
फ्रांस की टीम दो बार वर्ल्ड कप में तीसरे स्थान पर रही. उसने 1958 व 1986 में तीसरा पायदान हासिल किया था. 1982 में उसे तीसरे स्थान के मैच में हार मिली थी. वहीं इंग्लैंड कभी भी तीसरे स्थान पर नहीं रहा. जब भी उसने यह मुकाबला खेला है तो हार मिली है. उसे तीसरे स्थान के मैच में 1990 में इटली और 2018 में बेल्जियम ने हराया था.
फीफा वर्ल्ड कप में कब से शुरू हुआ तीसरे स्थान का मैच
फीफा वर्ल्ड कप में 1934 से तीसरे स्थान का मैच शुरू हुआ. यह इस इवेंट का दूसरा एडिशन था. तब जर्मनी ने ऑस्ट्रिया को 3-1 से हराया था. इसके बाद कुछ एडिशन में यह मुकाबला नहीं हो सका. लेकिन 1954 से यह लगातार हो रहा है. जर्मनी की टीम ने सबसे ज्यादा चार बार तीसरे स्थान का मैच जीता है. उसके बाद फ्रांस, क्रोएशिया, ब्राजील, स्वीडन ने दो-दो बार तीसरा स्थान हासिल किया.




