Explainer: फीफा के नियम बदलने के कारण कैसे दो टीमें हो गई वर्ल्ड कप से बाहर?

किरण सिंह

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तुर्की और हैती फीफा वर्ल्ड कप से सबसे पहले बाहर हुई.  (PC: Getty)
तुर्की और हैती फीफा वर्ल्ड कप से सबसे पहले बाहर हुई. (PC: Getty)

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तुर्की और हैती फीफा वर्ल्ड कप से सबसे पहले बाहर हुई.

तुर्की और हैती दोनों का अभी एक ग्रुप मैच बाकी है.

तुर्की और हैती की टीम FIFA वर्ल्ड कप 2026 से बाहर होने वाले पहले दो देश बन गए हैं, जबकि दोनों का अभी एक ग्रुप मैच बाकी है. अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में खेले जा रहे इस बड़े टूर्नामेंट में हर ग्रुप की टॉप दो टीमें ऑटोमैटिक नॉकआउट में जगह बनाएगी, जबकि 12 ग्रुप में तीसरे स्थान पर रहने वाली आठ सबसे अच्छी टीमें भी नॉकआउट स्टेज में पहुंचती हैं. हालांकि FIFA के नियमों में बदलाव के कारण तुर्की और हैती दोनों ही पहले बाहर हो गए. 

नियम में बदलाव 
 

वहीं ब्राज़ील से 3-0 से हारने के बाद हैती का भविष्य तय हो गया. इससे पहले वे ग्रुप C के अपने शुरुआती मैच में स्कॉटलैंड से 1-0 से हार चुके थे.इसलिए मोरक्को के खिलाफ अपने आखिरी ग्रुप मैच से पहले कैरिबियाई देश के पास शून्य अंक और माइनस चार का गोल अंतर है.वर्ल्ड कप के पिछले फॉर्मेट में समान अंक वाली टीमों के बीच फैसला करने के लिए गोल अंतर को पहला आधार माना जाता था. 2026 टूर्नामेंट के लिए FIFA ने ग्रुप स्टेज में गोल अंतर से पहले 'हेड-टू-हेड' नतीजों को देखने का नियम अपनाया है. नियम में इस बदलाव का तुर्की और हैती दोनों पर बड़ा असर पड़ा है. 

चौथे स्थान से ऊपर नहीं जा सकती दोनों टीमें 

ग्रुप D में तुर्की पहले ही ऑस्ट्रेलिया और पैराग्वे से हार चुका है. अगर वे अपने आखिरी मैच में अमेरिका को हरा भी देते हैं, तब भी उनके पास सिर्फ तीन पॉइंट ही होंगे, क्योंकि वे ऑस्ट्रेलिया और पैराग्वे (जिनके पास पहले से ही तीन पॉइंट हैं) से हार चुके हैं, इसलिए अगर पॉइंट बराबर होते हैं, तो वे उन टीमों के खिलाफ हेड-टू-हेड टाई-ब्रेकर में हार जाएंगे. नतीजतन तुर्की ग्रुप में चौथे स्थान से ऊपर नहीं जा सकता और इसलिए सबसे अच्छी तीसरे स्थान वाली टीमों में से एक के तौर पर क्वालिफ़ाई नहीं कर सकता. हैती के मामले में भी ऐसी ही स्थिति है. 

हैती की टीम स्कॉटलैंड और ब्राज़ील से हार गई है. भले ही वे अपने आखिरी मैच में मोरक्को को हरा दें, फिर भी वे ज़्यादा से ज़्यादा तीन पॉइंट ही हासिल कर पाएंगे और स्कॉटलैंड और ब्राज़ील से पीछे ही रहेंगे, क्योंकि वे उनसे हार चुके हैं. इसका मतलब है कि वे तीसरे स्थान पर नहीं आ सकते और नॉकआउट राउंड में पहुंचने का उनके पास कोई मौका नहीं है.