अर्जेंटीना की इजिप्ट के खिलाफ रोमांचक फीफा वर्ल्ड कप 'राउंड ऑफ़ 16' जीत के दौरान माहौल उस समय गर्माया गया, जब लियोनेल मेसी और इजिप्ट के हेड कोच होसाम हसन के बीच तीखी बहस हुई. मामला इतना बढ़ गया कि इजिप्ट के कोचिंग स्टाफ के एक सदस्य को अर्जेंटीना के कप्तान की ओर बढ़ने पर रेड कार्ड दिखाया गया. इस पूरे मामले ने अर्जेंटीना की शानदार 3-2 की वापसी वाली जीत पर भी फोकस कम कर दिया. साथ ही मेसी के साथ बहस के दौरान हसन के FIFA के नस्लवाद-विरोधी प्रोटोकॉल के तहत 'क्रॉस्ड-आर्म्स X' (हाथों को क्रॉस करके X का आकार बनाना) वाला आधिकारिक इशारा करने के कारण FIFA के इस नियम पर नई बहस छिड़ गई है.
मामला उस वक्त और बढ़ गया, जब इजिप्ट की कोचिंग टीम के कई सदस्य घटना वाली जगह की ओर दौड़े. उनमें से एक काफ़ी गुस्से में था और आक्रामक अंदाज में मेसी की ओर बढ़ा. अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने तुरंत अपने कप्तान को घेर लिया, जबकि मैच अधिकारियों, सुरक्षाकर्मियों और इजिप्ट की टीम के अन्य सदस्यों ने बीच-बचाव करके स्थिति को और बिगड़ने से रोका. गुस्से में दिख रहे इजिप्ट की टीम के उस सदस्य को आख़िरकार रेड कार्ड दिखाया गया और वहां से हटा दिया गया, जबकि दोनों टीमों ने स्थिति को शांत करने की कोशिश की.
इजिप्ट का गुस्सा फूट पड़ा
होसाम हसन की टीम टूर्नामेंट के सबसे बड़े उलटफेर की ओर बढ़ती दिख रही थी, क्योंकि पहले और दूसरे हाफ में किए गए गोल ने मौजूदा चैंपियन को चौंका दिया था. हालांकि क्रिस्टियन रोमेरो ने अर्जेंटीना की वापसी की शुरुआत की और फिर मेसी ने 83वें मिनट में बराबरी का गोल किया. इसके बाद एंजो फर्नांडीज ने स्टॉपेज-टाइम में विजयी गोल करके मैच का पासा पलट दिया. इजिप्ट का गुस्सा पहले से ही बढ़ रहा था, क्योंकि एक अहम मौके पर मुस्तफ़ा ज़िको के गोल को VAR रिव्यू के बाद फाउल की वजह से रद्द कर दिया गया था. इजिप्ट टीम का यह भी मानना था कि उन्हें पेनल्टी मिलनी चाहिए थी, क्योंकि अर्जेंटीना के उस हमले से ठीक पहले, जिसमें निर्णायक गोल हुआ, हम्डी फाथी को कथित तौर पर खींचा गया था. हार के बाद हसन ने मैच के संचालन (रेफरी के फैसलों) पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि उनकी टीम के साथ नाइंसाफी हुई है. इजिप्ट के कोच ने यहां तक कहा कि वे इस टूर्नामेंट का कोई और मैच नहीं देखेंगे.




