फीफा वर्ल्ड कप 2026 फाइनल में महज एक गोल हुआ और यह 106वें मिनट में हुआ. स्पेन के फेरान टॉरेस ने यह गोल किया और इसके जरिए अर्जेंटीना का लगातार दूसरी बार विजेता बनने का सपना भी टूट गया. इस गोल के जरिए टॉरेस इतिहास के पन्नों में अमर हो गए. उनका यह इस फीफा वर्ल्ड कप का पहला और इकलौता गोल रहा. फेरान टॉरेस के लिए यह टूर्नामेंट काफी नाटकीय रहा. जब स्पेन ने पहला मैच खेला तब वे टीम की शुरुआती 11 खिलाड़ियों में थे. मगर इसके बाद सब्सटीट्यूट के तौर पर मौका मिला. फाइनल में भी वे इसी तरह उतरे लेकिन यहां गोल कर उन्होंने सारी निराशा को खत्म कर दिया.
फेरान टॉरेस स्पेन के मुख्य स्ट्राइकर्स में हैं लेकिन वे लगातार आलोचना के शिकार होते रहे हैं. गोलपोस्ट के पास मौके न भुना पाने की वजह से उन्हें सोशल मीडिया पर लगातार फैंस की गालियां मिलती हैं. वे क्लब फुटबॉल में बार्सिलोना की तरफ से खेलते हैं लेकिन वहां पर भी खुद को मुख्य स्ट्राइकर के तौर पर स्थापित नहीं कर पाए. फीफा वर्ल्ड कप से पहले उनका हाल बुरा था. वह क्लब और देश दोनों के लिए 20 मैच में केवल छह गोल कर पाए. इसकी वजह से सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रहे थे.
स्पेन का वर्ल्ड कप में दूसरा गोल सउदी अरब के साथ था. इसमें टॉरेस ने सब्सटीट्यूट के तौर पर आकर गोल किया था लेकिन वह ऑफसाइड रहा था. जब VAR में गोल की वैधता जांची जा रही थी तब टॉरेस के होंठ लगातार प्रार्थना कर रहे थे. वे कह रहे थे- गोल दे दो, प्लीज, गोल दे दो, प्लीज, यह गोल है. लेकिन ऐसा नहीं हो सका था और टॉरेस का मन निराशा में डूब गया था.
मैं डूबूंगा नहीं और एंकर का टैटू
टॉरेस ने टखने के पास एक टैटू करा रखा है. इस टैटू में एंकर बना है और लिखा है- मैं डूबूंगा नहीं. यह लाइन उनके अभी तक के करियर पर सटीक बैठती है. उन्हें कई बार खारिज किया गया लेकिन वह वापसी करते रहे. अब उनका नाम वर्ल्ड कप में विनिंग गोल करने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट में है. टॉरेस ने फाइनल के बाद ब्रॉडकास्टर से बात करते हुए कहा, काफी राहत मिली है. मेरी पूरे टूर्नामेंट के दौरान आलोचना हुई लेकिन जैसा कि मैंने पहले कहा है किस्मत में लिखा हुआ था. ईश्वर का शुक्रिया, उसने हमेशा मुझे खेलते रहने की शक्ति दी है.




