इजिप्ट और ईरान के मैच से पहले 'रेनबो झंडे' को लेकर क्यों मचा विवाद? अमेरिका के लोगों को FIFA भी नहीं रोक सकता, जानें पूरा मामला

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रेनबो फ्लैग के साथ फैंस
रेनबो फ्लैग के साथ फैंस

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ईरान और इजिप्ट के मैच से पहले रेनबो फ्लैग विवाद सामने आया

रेनबो फ्लैग LGBTQ समुदाय का प्रतीक माना जाता है

अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा में होने वाले फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दौरान तमाम विवाद उठ रहे हैं. कभी VAR को लेकर मामला गरमा जाता है तो कभी ट्रेनिंग ग्राउंड में अधिक सांप होने के चलते हंगामा खड़ा हो जाता है. लेकिन ईरान और इजिप्ट के बीच मैच से पहले रेनबो फ्लैग (LGBTQ का प्रतीक) एक बड़ा मुद्दा बन गया है. इसके आगे फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने भी हाथ खड़े कर दिए और उन्होंने कहा कि मैच के दौरान मैं फैंस को मैदान पर रेनबो फ्लैग लाने से नहीं रोक सकता.

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इजिप्ट और ईरान के मैच को ही क्यों चुना?

जबसे फीफा वर्ल्ड कप 2026 में इजिप्ट और ईरान के मैच का ड्रॉ सामने आया था, तबसे ही सिएटल की कमेटी ने इस तरह के अभियान को चलाने का प्लान बना लिया था. इजिप्ट के फुटबॉल एसोसिएशन ने इसका विरोध जताया, क्योंकि समलैंगिकता पूरी तरह से अरब और इस्लामिक समाज के मूल्यों के खिलाफ है. जबकि ईरान भी इसे तर्कहीन मानता है. इन दोनों देशों ने फीफा के समक्ष अपनी समस्या भी रखी, लेकिन फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फेंटिनो ने हाथ खड़े कर दिए. उनका मानना है कि फीफा की तरफ से यह कोई आधिकारिक प्राइड मैच नहीं है. बाकी मैदान के बाहर के लोग इसे कैसे देखते हैं, उन्हें मैं बदल नहीं सकता.

कब होगा इजिप्ट और ईरान का मैच?

अब इजिप्ट और ईरान जैसे देश, जहां समलैंगिकता को जगह नहीं दी जाती, उनके सामने अमेरिकी और दुनिया भर के फैंस मैदान में रेनबो फ्लैग लिए नजर आएंगे और यह जताना चाहेंगे कि यह भी एक कम्युनिटी हमारे बीच मौजूद है. इसके भी अधिकार और अलग पहचान हैं. जबकि दूसरी तरफ इजिप्ट और ईरान के खिलाड़ी इन सबके बीच अपना पूरा ध्यान मैच पर लगाना चाहेंगे. इजिप्ट और ईरान के बीच यह मुकाबला 27 जून की सुबह साढ़े आठ बजे से खेला जाएगा.