फीफा वर्ल्ड कप 2026 के लिए एक बड़ा नियम बनाया गया. खिलाड़ियों की नस्लीय टिप्पणी और विरोधी टीम के खिलाड़ियों के साथ होने वाली गाली-गलौज को रोकने के लिए यह नियम लागू किया गया. इसके तहत यदि कोई खिलाड़ी टी-शर्ट या हाथ से अपना मुंह ढककर कुछ बोलता है, तो उसे सीधा रेड कार्ड देकर मैदान से बाहर किया जा सकता है. ऐसे में जब इंग्लैंड के जूड बेलिंघम ने मुंह ढककर विरोधी टीम घाना के कप्तान से कुछ कहा, तो उन्हें रेड कार्ड क्यों नहीं दिया गया? इसके पीछे की वजह भी सामने आ गई है.
पराग्वे के खिलाड़ी को मिला था रेड कार्ड ?
वहीं दूसरी तरफ पराग्वे के खिलाड़ी मिगुएल अल्मिरोन ने तुर्की के खिलाफ अपना मुंह ढककर कुछ विवादित कहा था. इसके चलते उन्हें तुरंत रेड कार्ड दिया गया और वह इस नियम के तहत मैदान से बाहर जाने वाले वर्ल्ड कप के पहले खिलाड़ी भी बने. अल्मिरोन तुर्की के मर्ट मुल्डुर से बात करते हुए अपना मुंह छिपा रहे थे, जो नियमों के खिलाफ था और इसी वजह से उन्हें रेड कार्ड मिला.
जूड बेलिंघम को क्यों नहीं मिला रेड कार्ड ?
अब जूड बेलिंघम के मामले की बात करें, तो रेफरी ने पाया कि उन्होंने कुछ भी विवादित नहीं कहा था. यह सिर्फ एक दोस्ताना बातचीत थी, जिसके चलते बेलिंघम को रेड कार्ड नहीं दिया गया. फीफा वर्ल्ड कप के इस नियम में साफ कहा गया है कि किसी खिलाड़ी को मुंह ढकने के लिए तभी रेड कार्ड दिया जाएगा, जब वह मुंह ढककर विरोधी टीम के खिलाड़ी को विवादित या अपशब्द कहेगा.
वैभव सूर्यवंशी का इंग्लैंड में अलग होगा ड्रेसिंग रूम, जानें पूरा प्लान और नियम


