Duleep Trophy : BCCI की दोहरी नीति, घरेलू क्रिकेट को नहीं मिल रहा मंच, खिलाड़ी और फैंस निराश!
बीसीसीआई पर घरेलू क्रिकेट की अनदेखी का आरोप लगा है. चर्चा है कि बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया (बीसीसीआई) ने घरेलू मैचों के प्रसारण अधिकारों को लेकर स्पष्ट नियम नहीं बनाए हैं. ब्रॉडकास्टर का काम व्यवसाय चलाना है, न कि क्रिकेट को आगे बढ़ाना. हालांकि, बीसीसीआई एक अत्यधिक लाभदायक संस्था है जो राज्य संघों, सुविधाओं, स्टेडियमों और युवा खिलाड़ियों पर करोड़ों रुपये खर्च करती है. लेकिन जब घरेलू क्रिकेट के प्रसारण की बात आती है, तो यह अपनी जिम्मेदारी से पीछे हट जाती है. यह सवाल उठाया गया है कि "अगर आप खिलाड़ी को कहते हो की आप डोमेस्टिक क्रिकेट के लिए सीरियस हो जाओ और आप भी डोमेस्टिक क्रिकेट नहीं दिखा रहे, आप उसको मान रहे हो?" मैचों को ऐसे मैदानों पर खेला जा रहा है जहां प्रशंसकों को अनुमति नहीं है, जैसे कि एनसीए ग्राउंड, जबकि बेंगलुरु जैसे शहरों में दर्शक घरेलू मैच देखने आते हैं. बीसीसीआई को ब्रॉडकास्टर्स पर दबाव डालना चाहिए था या प्रसारण के लिए एक वैकल्पिक योजना तैयार करनी चाहिए थी.