भारत के जूडो खिलाड़ी कपिल परमार ने जूडोका में इतिहास बना दिया है. इस खिलाड़ी ने पहली बार इस खेल में भारत को कोई पदक दिलाया है. कपिल ने 60 किलो कैटेगरी जे1 में ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा किया. ब्रॉन्ज मेडल मुकाबले में उन्होंने ब्राजील के एलिएटन डि ओलिवेरा को 10-0 से मात दिया. कपिल भारत के ओलिंपिक और पैरालिंपिक में पहले ऐसे खिलाड़ी बन गए हैं जिन्होंने ये पदक अपने नाम किया है. ऐसे में अब भारत के कुल 25 पदक पूरे हो चुके हैं. इसमें 5 गोल्ड, 9 सिल्वर और 11 ब्रॉन्ज शामिल है.
भारत के कपिल परमार बृहस्पतिवार को यहां पेरिस पैरालिंपिक की जे1 60 किग्रा पुरुष पैरा जूडो स्पर्धा के सेमीफाइनल में ईरान के एस बनिताबा खोर्रम अबादी से हार गए थे जिससे उन्होंने ब्रॉन्ज मेडल का मुकाबला खेला. 24 साल के परमार को यहां सेमीफाइनल ए में ईरानी प्रतिद्वंद्वी से 0-10 से हार मिली. पैरा जूडो में जे1 वर्ग में वो खिलाड़ी हिस्सा लेते हैं जो दृष्टिबाधित होते हैं या फिर उनकी कम दृष्टि होती है. परमार ने 2022 एशियाई खेलों में इसी वर्ग में रजत पदक जीता था. उन्होंने क्वार्टरफाइनल में वेनेजुएला के मार्को डेनिस ब्लांको को 10-0 से शिकस्त दी थी. परमार को दोनों मुकाबलों में एक एक पीला कार्ड मिला.
परमार ने जूडो में ब्लाइंड जूडो श्रेणी के बारे में जानने के बाद 2017 में एंट्री किया. उन्हें पहली बार 2018 में राष्ट्रीय चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने के बाद मशहूरता मिली. बाद में, उन्होंने बर्मिंघम में 2019 कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में टॉप स्थान हासिल करके देश का नाम रोशन किया.
कपिल विश्व रैंकिंग में नंबर एक स्थान पर हैं. 2023 में उन्होंने अलेक्जेंड्रिया में IBSA जूडो ग्रां प्री में स्वर्ण और विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर अपने करियर के शिखर पर पहुंच गए. पिछले साल हांग्जो पैरा गेम्स में रजत पदक जीतकर उन्होंने 109 पदकों में से एक पदक जीता था. वह पैरालिंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाले पहले नेत्रहीन भारतीय जूडोका हैं.
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