23 अप्रैल से भारत के दिग्गज ओलिंपिक पदक विजेता पहलवान बजरंग पूनिया, साक्षी मालिक और विनेश फोगाट सहित तमाम रेसलर दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं. मगर इसी बीच तीन मई की रात को दिल्ली पुलिस और पहलवानों के बीच हंगामा होने से बाद विनेश फोगाट ने अब आज तक से बातचीत में कहा कि देश का संविधान समाप्त हो चुका है और जरूरत पड़ी तो हम मेडल भी वापस कर देंगे.
क्या थी घटना?
दरअसल, दिल्ली में बारिश के दौरान गद्दे भीगने से पहलवान फोल्डिंग बेड लेकर अंदर जाने लगे थे. दिल्ली पुलिस ने उन्हें बेड अंदर ले जाने से रोका. जिस पर पहलवानों और पुलिस के बीच दंगल छिड़ गया. इसी दंगल में गीता फोगाट के छोटे भाई दुष्यंत फ़ोगाट का सिर फूट गया और उन्हें चोट लग गई. जबकि उनके अलावा अन्य कई पहलवान घायल भी हुए हैं.
तीन मई की रात को होने वाली घटना के बाद विनेश ने आज तक से बातचीत में कहा, "जो काम ब्रज भूषण शरण सिंह के साथ करना चाहिए. इसके उलट वही काम हमारे साथ कर रहे हैं और ये बहुत ही बुरी बात है. हर तरह से हमें दबाने की कोशिश की जा रही है."
बजरंग ने क्या कहा?
बजरंग पूनिया ने कहा, “जिस पर एफआईआर दर्ज हुई है. वह अपने घर पर बैठा है पर हमारे साथ बदतमीजी की जा रही है. पुलिस वाले तानशाही करके हमारे धरने को समाप्त करना चाहते हैं.”
बता दें कि भारतीय पहलवान 23 अप्रैल से दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देकर बैठे हैं. इन पहलवानों ने रेसलिंग फेडरेशन ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष ब्रज भूषण शरण सिंह पर महिला पहलवानों संग यौन शोषण करने का आरोप लगाया है. जिस पर दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित पुलिस थाने पर एफआईआर भी दर्ज की गई है. लेकिन पहलवानों का मानना है कि जब तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा. वह धरना स्थल से नहीं जाने वाले हैं.
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