एशियन गेम्स में मेडल जीतने वाले पहलवानों को गिफ्ट में मिलेंगे सूअर के मांस से बनी चीजें, फेडरेशन ने किया ऐलान

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साउथ कोरिया की कुश्ती का दौर मुश्किलों भरा रहा है (PC: Getty)
साउथ कोरिया की कुश्ती का दौर मुश्किलों भरा रहा है (PC: Getty)

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साउथ कोरिया की कुश्ती का दौर मुश्किलों भरा रहा है

प‍िछले एश‍ियाड में साउथ कोरिया ने सिर्फ दो ब्रॉन्ज ही जीते थे.

एश‍ियन गेम्स 2026 के आगाज में अब गिनती के ही दिन बचे हैं और ऐसे में सभी टीमें और देश मेडल जीतने के लिए अपनी तैयारियों में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते.इसी बीच कोरियन रेसलिंग फेडरेशन ने एश‍ियन गेम्स में मेडल जीतने वाले अपने ख‍िलाड‍़‍ियों को गिफ्ट में सूअर के मांस से बनी चीजें देने का ऐलान किया है. 

अध्यक्ष ने उठाए अनोखे कदम

1992 के ओल‍िंप‍िक गोल्ड मेडलिस्ट और अब नेशनल टीम के कोच एन हान-बोंग ने अपने खिलाड़ियों से अगले महीने होने वाले आइची-नागोया एशियन गेम्स में कहानी बदलने की अपील करते हुए अपनी आंखों में आए आंसुओं को रोका. योनहाप न्यूज़ के अनुसार कोरिया रेसलिंग फेडरेशन के प्रेसिडेंट किम इक-होन ने एशियन गेम्स में जाने वाली अपनी मुश्किलों से जूझ रही रेसलिंग टीम को सहारा देने के लिए कुछ कड़े और अनोखे कदम उठाए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक फेडरेशन के अध्यक्ष ने ऐलान किया है कि अगर कोरियन रेसलर 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक होने वाले एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतते हैं तो उन्हें दो साल तक हर महीने पोर्क (सूअर के मांस) का एक गिफ़्ट-सेट दिया जाएगा. जबकि सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतने वालों को एक साल तक हर महीने ये गिफ्ट मिलेंगे. 
 

इक-होन साउथ कोरिया के ग्योंगसांगबुक-डो के सांगजू में स्थित 'सांकजुयाकगन' (Sankjuyakgan) नाम के पोर्क प्रोसेसिंग प्लांट के मालिक हैं.यह पेशकश तब की गई, जब एक कोच (जो खुद पूर्व ओल‍िंपिक चैंपियन रह चुके हैं) और कई पहलवान विदाई समारोह के दौरान भावुक हो गए.रेसलिंग में अक्सर होने वाली अव्यवस्था के कारण उनके मेडल जीतने की उम्मीदें धूमिल नज़र आ रही थीं. 
 

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