डेनमार्क के स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी एंडर्स एंटोनसेन को अगस्त के महीने में दिल्ली में बैडमिंटन खेलने में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन जनवरी के महीने के आसपास यहां बैडमिंटन खेलने में उन्हें परेशानी है.दुनिया के चौथे नंबर के खिलाड़ी एंटोनसेन उन खिलाड़ियों में से एक थे, जिन्होंने दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर चिंता जताई थी. उन्होंने इस साल की शुरुआत में लगातार तीसरे टूर्नामेंट के तौर पर 'इंडिया ओपन' में हिस्सा नहीं लिया था और उनकी राय अब भी वही है. बल्कि वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए दिल्ली लौटने पर उनका यह मानना और पक्का हो गया है कि समस्या शहर से नहीं, बल्कि टूर्नामेंट के समय से है.
दिल्ली की हवा की क्वालिटी बहुत ज़्यादा खराब
एंटोनसेन के लिए यह फ़र्क अहम है. उन्हें साल के इस समय दिल्ली में बैडमिंटन का बड़ा टूर्नामेंट आयोजित करने से कोई आपत्ति नहीं है. एंटोनसेन ने कहा कि और जहां तक हालात की बात है तो हॉल बहुत अच्छा है और प्रैक्टिस की सुविधाएं भी अच्छी हैं,लेकिन जनवरी और फरवरी के महीने अलग होते हैं, जब दिल्ली की हवा की क्वालिटी बहुत ज़्यादा खराब हो सकती है. उनका कहना है कि उन्हें नहीं लगता कि BWF का दिल्ली में जनवरी या फरवरी में टूर्नामेंट आयोजित करना सही कदम है. उन्होंने बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन के उस फैसले का ज़िक्र किया जिसके तहत इंडिया ओपन को सर्दियों में राजधानी में आयोजित किया जाना है.
5 लाख रुपये का जुर्माना
एंटोनसेन का यह बयान इंडिया ओपन में हिस्सा न लेने के उनके फ़ैसले के बाद आई हैं. इस फ़ैसले की वजह से वे BWF के टूर्नामेंट से जुड़े नियमों के साथ टकराव की स्थिति में आ गए, क्योंकि वर्ल्ड टूर 750 इवेंट में शामिल न होने पर खिलाड़ियों पर जुर्माना लगाया जाता है. एंटोनसेन ने कहा कि उन्होंने अभी तक यह तय नहीं किया है कि वे अगले साल इंडिया ओपन में खेलेंगे या नहीं. उन्होंने कहा कि जब वह कैलेंडर देखते हैं तो उन्हें लगता है कि ठीक है, वे तुरंत उन पर 5000 अमेरिकी डॉलर (5 लाख रुपये के करीब) का जुर्माना लगा रहे हैं.उन्हें नहीं पता कि अगले साल भी ऐसा ही होगा या नहीं.उन्होंने अभी तक 100 प्रतिशत फ़ैसला नहीं किया है.




