गायत्री गोपीचंद और त्रिसा जॉली की जोड़ी ने बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में बड़ा उलटफेर करते हुए क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है. वह अब मेडल से बस एक जीत दूर हैं. गुरुवार 20 अगस्त को भारतीय जोड़ी ने टूर्नामेंट में बड़ा उलटफेर करते हुए 7वीं सीड वाली जापान की रिन इवानागा और की नाकानिशी को हरा दिया. दुनिया में 39वें नंबर की जोड़ी त्रिसा और गायत्री पूरे टूर्नामेंट में शानदार फ़ॉर्म में रही हैं. इंदिरा गांधी स्टेडियम में उनका यह आत्मविश्वास एक बार फिर देखने को मिला, जब उन्होंने 7वीं सीड वाली जोड़ी को सीधे गेम में 21-16, 21-12 से हरा दिया.
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इस जीत में एक बार फिर त्रिसा की शानदार जंप स्मैशिंग अहम रही और भारतीय खिलाड़ी ने पूरे मैच में अपना दबदबा बनाए रखा. इस मैच में गायत्री का खेल थोड़ा धीमा रहा, लेकिन त्रिसा ने जापानी खिलाड़ियों पर पूरी तरह हावी होकर खेला, चाहे वे कोर्ट के पिछले हिस्से में हों या आगे.
त्रिसा की अंपायर से बहस
मैच थोड़ा तनावपूर्ण भी रहा, क्योंकि चेयर अंपायर के व्यवहार से त्रिसा और गायत्री परेशान हो गईं. पहले तो जापानी खिलाड़ियों के बर्ताव के खिलाफ उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया और फिर शटल के साथ गलत व्यवहार करने पर अंपायर ने त्रिसा को येलो कार्ड की चेतावनी दी.
बात यही खत्म नहीं हुई.त्रिसा की मैच रेफरी से बहस हो गई और कोर्ट के बाहर से पुलेला गोपीचंद ने उन्हें अपने कोच के पास वापस जाने के लिए कहा. इसके बाद हर स्मैश के बाद त्रिसा लगातार चिल्लाती रही, जिससे जापानी जोड़ी घबरा गई.इंदिरा गांधी स्टेडियम का माहौल भी जोश से भर गया.दर्शक भारतीय जोड़ी का उत्साह बढ़ाने लगे और विदेशी खिलाड़ियों के लिए मुकाबला मुश्किल बना दिया और भारतीय जोड़ी ने सीधे गेम में मुकाबला जीत लिया.




