CWG 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल की दावेदारी पेश करने वाले भारत के लॉन्ग जंप एथलीट मुरली श्रीशंकर को एक बार फिर सिल्वर से ही संतोष करना पड़ा. मुरली श्रीशंकर को जमैका के ताजे गेल से कड़ी टक्कर मिली और वह छह सेंटीमीटर से गोल्ड मेडल चूक गए. इस तरह साल 2022 के कॉमनवेल्थ गेम्स में भी सिल्वर मेडल जीतने वाले श्रीशंकर अपने मेडल का रंग नहीं बदल सके और उन्हें फिर से सिल्वर से संतोष करना पड़ा. हालांकि, कॉमनवेल्थ गेम्स में दो मेडल जीतने वाले वह भारत के पहले लॉन्ग जंपर बन गए हैं.
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एशियन गेम्स में गोल्ड जीतना चाहेंगे श्रीशंकर
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की इस लॉन्ग जंप स्पर्धा का कांस्य पदक स्कॉटलैंड के स्टीफन मैकेंजी ने 8.08 मीटर की छलांग के साथ अपने नाम किया. जबकि भारत के अन्य लॉन्ग जंपर लोकेश सत्यनाथन 7.97 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग के साथ पांचवें स्थान पर रहे. पूरी स्पर्धा के दौरान श्रीशंकर बेहतरीन फॉर्म में नजर आए, लेकिन गेल की दूरी को वह पार नहीं कर सके. गेल का इस सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 8.37 मीटर रहा है, जिसे वह कॉमनवेल्थ गेम्स में हासिल नहीं कर सके. जबकि श्रीशंकर ने इसी साल 8.38 मीटर की दूरी नेशनल गेम्स में हासिल की थी. अब भारत का यह स्टार लॉन्ग जंप एथलीट सितंबर माह में जापान में होने वाले एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा लेते नजर आएगा और वहां मेडल का रंग बदलना चाहेगा.
श्रीशंकर का पदक सफर :-




