भारतीय मुक्केबाजों ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शुक्रवार को अपने मुक्को का दम दिखाकर फाइनल में जगह बना ली.अरुंधति चौधरी ने 70 किग्रा वर्ग में मौजूदा चैंपियन वेल्स की रोजी एक्लेस को हराकर बड़ा उलटफेर किया, जबकि वर्ल्ड चैंपियन जैस्मीन लांबोरिया (57 किग्रा), प्रीति पवार (54 किग्रा), अंकुश पंघाल (80 किग्रा), जादुमणि (55 किग्रा ) ने भी अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीतकर फाइनल में जगह बना कर भारत का दबदबा कायम किया.
प्रीति के सामने डेलगाडो की चुनौती
इस बीच भिवानी की एशियाई खेलों की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट 22 साल की प्रीति ने मुकाबले के दौरान शुरू से अंत तक दबदबा बनाए रखा. उन्होंने बांयी ओर से सटीक पंच और प्रभावी जवाबी हमले के दम पर म्वापे को लगातार दबाव में रखा.फाइनल में प्रीति के सामने स्कारलेट डेलगाडो की चुनौती होगी. कनाडा की इस मुक्केबाज ने एक अन्य सेमीफाइनल में इंग्लैंड की लॉरेन मैकी को 4-1 से हराया.
अंकुश और जादुमणि का कमाल
दूसरी ओर अंकुश ने भी 80 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल में कनाडा के जोशुआ ओफोरी को 5-0 से हराकर फाइनल का टिकट कटाया. शुरुआती दो राउंड में भारतीय मुक्केबाज के शानदार प्रदर्शन के सामने ओफोरी बार-बार ‘क्लिंचिंग’ (प्रतिद्वंद्वी मुक्केबाज को जकड़ कर मुकाबले की गति प्रभावित करने की कोशिश) का सहारा लेने को मजबूर हुए.दूसरे राउंड की शुरुआत में ओफोरी ने आक्रामक रुख अपनाने की कोशिश की,लेकिन अंकुश ने संयम बनाए रखते हुए दबाव को आसानी से झेला और सटीक पंचों के संयोजन से जवाब देते हुए एकतरफा 5-0 की जीत दर्ज की. जादुमणि सिंह मंडेन्गबाम ने सेमीफाइनल में सर्वसम्मति से 5-0 से जीत हासिल करके पुरुषों के 55 किग्रा वर्ग के गोल्ड मेडल मैच में जगह बना ली है.




