दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने सोमवार को महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न मामले में बीजेपी के पूर्व सांसद और रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (WFI) के पूर्व प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बरी कर दिया है. एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (ACJM) अश्विनी पंवार ने फैसला सुनाया. बृजभूषण शरण सिंह की ओर से अधिवक्ता राजीव मोहन, ऋषभ भाटी, रेहान खान और सूर्यांश सिंह उपस्थित हुए.
विनेश फोगाट का आरोप
मामला दिल्ली पुलिस में दर्ज की गई उस FIR से जुड़ा है जो जंतर-मंतर पर महिला पहलवानों के विरोध-प्रदर्शन के बाद दर्ज की गई थी. इस प्रदर्शन में WFI प्रमुख के तौर पर सिंह के कार्यकाल के दौरान यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए गए थे. भारत की स्टार पहलवान विनेश फोगाट ने आरोप लगाया था कि वह उन छह महिला एथलीटों में से एक थीं, जिनका WFI प्रमुख के तौर पर सिंह के कार्यकाल के दौरान यौन उत्पीड़न हुआ था. इससे पहले दिल्ली पुलिस ने आरोपों की जांच पूरी करने के बाद 15 जून 2023 को 1500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी. पहलवानों ने आरोप लगाया था कि रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के प्रमुख के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान सिंह ने उनका यौन उत्पीड़न किया था.
आरोप लगाने वालों को जवाब
बृजभूषण शरण सिंह ने बरी होने के बाद उन पर आरोप लगाने वालों को जवाब दिया है और कहा कि जिन लोगों ने उन पर गंभीर आरोप लगाए थे, उन्हें आत्म-मंथन करना चाहिए.
CWG: भारत का अभियान 39 मेडल के साथ समाप्त,मेडल जीतने वालों की पूरी लिस्ट देखें




