कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को पांचवां मेडल मिल गया. महिला वेटलिफ्टिंग में ज्ञानेश्वरी यादव ने 27 जुलाई को सिल्वर मेडल जीता. उन्होंने 53 किलो भार वर्ग में कुल 199 किलो वजन उठाया और दूसरा स्थान हासिल किया. नाइजीरिया की ओनोम ओमोलोला डिडिह ने 206 किलो वजन के साथ स्वर्ण पदक जीता. कनाडा की रेबेका ग्रुलक्स के नाम कांस्य पदक रहा. उन्होंने 178 किलो वजन उठाया.
23 साल की ज्ञानेश्वरी ने स्नैच में 88 और क्लीन एंड जर्क में 111 किलो वजन उठाया. इस दौरान उनका गेम्स रिकॉर्ड बनाने के साथ ही अपने पर्सनल बेस्ट को पांच किलो वजन के साथ सुधारा. ज्ञानेश्वरी ने शुरुआत 82 किलो वजन के साथ की. फिर 85 व 88 किलो भार उठाया. क्लीन एंड जर्क में उन्होंने 103 के साथ शुरू करने के बाद 107 व 111 वजन उठाया. स्वर्ण पदक जीतने वाली डिडिह ने शुरू से ही बढ़त बना ली थी. उन्होंने स्नैच में 85, 90 व 93 किलो उठाते हुए गेम्स रिकॉर्ड बनाया. फिर क्लीन एंड जर्क में 105, 110 व 113 किलो भार उठाकर पहला स्थान हासिल किया.
भारत को 5 में से 4 मेडल वेटलिफ्टिंग में मिले
भारत के पांच में से चार मेडल वेटलिफ्टिंग में आए हैं. मीराबाई चानू के बाद वह दूसरी महिला वेटलिफ्टर हैं जिन्होंने इन खेलों में मेडल जीता. मीराबाई ने 26 जुलाई को 48 किलो कैटेगरी में स्वर्ण पदक जीता था. उनके अलावा ऋषिकांत सिंह व राजा मुथुपांडी कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतने वाले बाकी वेटलिफ्टर हैं.
कौन हैं ज्ञानेश्वरी यादव
ज्ञानेश्ववरी छत्तीसगढ़ के राजनंदगांव से आती हैं. उन्होंने हालिया समय में काफी अच्छा प्रदर्शन किया है. 2022 में उन्होंने जूनियर वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 49 किलो कैटेगरी में स्नैच, क्लीन एंड जर्क और ओवरऑल में तीन सिल्वर मेडल जीते थे. वह 2024 में बहरीन में हुई वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में पांचवें स्थान पर रही थी. 2026 में उन्होंने एशियन वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 194 किलो के पर्सनल बेस्ट के साथ स्नैच में सिल्वर और ओवरऑल ब्रॉन्ज मेडल जीता. वह छत्तीसगढ़ पुलिस में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर हैं. 2025 में उन्हें छत्तीसगढ़ के सर्वोच्च खेल सम्मान गुंडाधुर सम्मान से नवाजा गया था.




