क्या है बैडमिंटन का नया स्कोर‍िंग सिस्टम? नए बदलाव के साथ आगे बढ़ा भारत, रैंकिंग टूर्नामेंट से होगी शुरुआत

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जनवरी 2027 से बैडमिंटन के स्कोरिंग स‍िस्टम में  इंटरनेशनल लेवल पर बदलाव (PC: Getty)
जनवरी 2027 से बैडमिंटन के स्कोरिंग स‍िस्टम में इंटरनेशनल लेवल पर बदलाव (PC: Getty)

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जनवरी 2027 से बैडमिंटन के स्कोरिंग स‍िस्टम में इंटरनेशनल लेवल पर बदलाव

भारत ने घरेलू लेवल पर नए स्कोर‍िंग स‍िस्टम को लागू किया.

बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) ने बैडमिंटन में दुनिया की बड़ी ताकत के तौर पर अपनी जगह बनाए रखने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. एसोस‍िएशन ने अपने पूरे घरेलू सिस्टम में बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) के नए 3x15 स्कोरिंग सिस्टम को तुरंत लागू करने का ऐलान किया है. जनवरी 2027 में होने वाले जरूरी इंटरनेशनल बदलाव का इंतजार करने की बजाय यह नया फॉर्मेट  7 से 14 जुलाई 2026 तक एर्नाकुलम में होने वाले ऑल-इंडिया सीनियर रैंकिंग टूर्नामेंट में आधिकारिक तौर पर शुरू होगा. 


नियम में बदलाव

  • संशोधित नियमों के अनुसार मुकाबले पहले की तरह ‘बेस्ट-ऑफ-थ्री गेम्स’ के आधार पर खेले जाएंगे, लेकिन अब प्रत्येक गेम 21 अंकों के बजाय 15 अंकों का होगा. 

 

  • यदि स्कोर 14-14 से बराबर होता है तो जीत के लिए दो अंकों की बढ़त जरूरी होगी. हालांकि अधिकतम स्कोर 21 अंक तक रहेगा और 20-20 की स्थिति में अगला अंक हासिल करने वाला खिलाड़ी गेम जीत जाएगा. 

 

  • अब मिड गेम तब होगा, जब किसी खिलाड़ी या जोड़ी के आठ अंक हो जाएंगे. तीसरे गेम में कोर्ट बदलने के साथ 60 सेकंड का ब्रेक मिलेगा, जबकि दो गेमों के बीच मिलने वाला 120 सेकंड का अंतराल पहले की तरह जारी रहेगा. पिछले गेम का विजेता अगले गेम में पहली सर्विस करेगा. 


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