भारत एक बार फिर एथलेटिक्स इंटीग्रिटी यूनिट (AIU) की डोपिंग उल्लंघन करने वालों की ग्लोबल लिस्ट में सबसे ऊपर है, जो देश के सामने मौजूद एंटी-डोपिंग चुनौती के बड़े पैमाने को दिखाता है. AIU के ताजा आंकड़ों के अनुसार अभी 162 भारतीय डोपिंग या उससे जुड़े एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन के लिए प्रतिबंध झेल रहे हैं, जो सभी देशों में सबसे ज़्यादा संख्या है. 148 नामों के साथ केन्या दूसरे स्थान पर है, जबकि 60 से ज़्यादा मामलों के साथ रूस तीसरे स्थान पर है. भारत ने इस साल अप्रैल में सबसे पहले केन्या को पीछे छोड़ा था और जून की लेटेस्ट लिस्ट समेत बाद के अपडेट्स में भी यह अनचाहा रिकॉर्ड बनाए रखा है.
‘बहुत अधिक’ जोखिम
विश्व एथलेटिक्स की एआईयू एक स्वतंत्र डोपिंग रोधी निगरानी संस्था है. इसका अधिकार क्षेत्र इंटरनेशनल स्तर के खिलाड़ियों और उनके सहयोगी स्टाफ पर है. भारत ने इस साल अप्रैल में सबसे पहले केन्या को पीछे छोड़ा था और जून की लेटेस्ट लिस्ट समेत बाद के अपडेट्स में भी यह अनचाहा रिकॉर्ड बनाए रखा है. पिछले दो सालों से डोपिंग उल्लंघन करने वालों की सूची में सबसे ऊपर रहने के कारण विश्व एथलेटिक्स ने अप्रैल में भारत को डोपिंग के ‘बहुत अधिक’ जोखिम वाले देश के रूप में भी चिह्नित किया था. साल 2022 और 2025 के बीच एथलेटिक्स में सबसे अधिक डोपिंग रोधी नियमों के उल्लंघन (एडीआरवी) के मामले में भारत शीर्ष दो देशों में शामिल रहा है. एआईयू के अनुसार भारत में 2022 में 48 एडीआरवी (दूसरा स्थान), 2023 में 63 (दूसरा स्थान), 2024 में 71 (पहला स्थान) और 2025 में 30 एडीआरवी (पहला स्थान) दर्ज किए गए.


