कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत को दूसरा मेडल मिल गया. पुरुषों की 60 किलो वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में ऋषिकांत सिंह ने 264 किलो वजन उठाकर सिल्वर मेडल जीता. उन्होंने स्नैच में 121 किलो वजन उठाया. इसके जरिए उन्होंने इन खेलों में स्नैच का नया रिकॉर्ड बनाया. ऋषिकांत ने क्लीन एंड जर्क में 143 किलो भार उठाया. ऋषिकांत ने गोल्ड के लिए कोशिश की लेकिन वे दो बार 145 व 151 किलो वजन उठाने में असफल रहे. मलेशिया के बिन कसदन मोहम्मद अनिक ने गोल्ड जीता तो केन्या के जोशुआ अमुंगा एमबोया के नाम कांस्य पदक रहा.
मणिपुर से आने वाले ऋषिकांत सिंह ने 116 किलो वजन से शुरुआत की. फिर 119 किलो भार उठाया. उन्होंने तीसरी कोशिश में 121 किलो वजन उठाया. उन्होंने बाद में अनिक ने भी इतना ही वजन उठा लिया. इससे स्नैच में मुकाबला बराबर रहा. क्लीन एंड जर्क में भारतीय वेटलिफ्टर 143 किलो वजन ही उठा सका. मलेशिया के अनिक ने 152 किलो वजन उठा लिया. इससे वे पहले पायदान पर रहे. उन्होंने कुल 273 किलो वजन उठाया. एमबोया ने 260 किलो वजन के साथ तीसरा स्थान हासिल किया.
ऋषिकांत ने 2025 कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप में जीता था गोल्ड
ऋषिकांत मणिपुर से वेटलिफ्टिंग में कॉमनवेल्थ मेडल जीतने वाले पहले पुरुष बने. इसी राज्य से मीराबाई चानू आती हैं जिनके नाम ओलिंपिक मेडल भी हैं. ऋषिकांत ने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में भी हिस्सा लिया था. तब वे 55 किलो कैटेगरी में शामिल हुए थे. 271 किलो उनका पर्सनल बेस्ट है. 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में वह इससे काफी दूर रह गए. उन्होंने पिछले साल यानी 2025 में अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 271 किलो वजन उठाकर गोल्ड जीता था. तब मलेशियाई एथलीट दूसरे स्थान पर रहा था.
ऋषिकांत ने भारतीय सेना के सेट अप में रहते हुए ट्रेनिंग की है. उन्होंने अहमदाबाद में हुए इवेंट के जरिए ग्लास्गो का टिकट कटाया था.




