भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने विनेश फोगाट को 10 से 12 मई तक गोंडा में होने वाले नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लेने से रोक दिया है. इस टूर्नामेंट से फोगाट आधिकारिक वापसी करने वाली थी. जिन्होंने पेरिस ओलिंपिक 2024 के बाद कुश्ती से संन्यास लेने का फ़ैसला वापस ले लिया था.
छवि खराब करने का आरोप
15 पेज के नोटिस में डब्ल्यूएफआई ने आरोप लगाया कि विनेश के आचरण से देश को शर्मिंदगी झेलनी पड़ी है. भारतीय कुश्ती की छवि खराब हुई है, डब्ल्यूएफआई संविधान के प्रावधानों, यूडब्ल्यूडब्ल्यू इंटरनेशनल कुश्ती के नियमों और डोपिंग रोधी नियमों का उल्लंघन हुआ है. महासंघ ने उनसे चार बड़े आरोपों पर सफाई मांगी है, जिसमें वेट कम करने में चूकने के बाद 2024 पेरिस ओलिंपिक से अयोग्य करार दिये जाने, डोपिंग रोधी नियमों के लोकेशन बताने में कथित तौर पर नाकाम रहने और आईओए के नियुक्त तत्कालीन तदर्थ समिति द्वारा मार्च 2024 में कराये गए ट्रायल में दो भार वर्गों में भाग लेना शामिल है.
विनेश पर 26 जून तक लगी रोक
महासंघ ने साफ तौर पर कहा है कि वह इस साल 26 जून तक किसी घरेलू टूर्नामेंट में भाग नहीं ले सकती, जिसमें गोंडा में होने वाला नेशनल ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट शामिल है. नोटिस में कहा गया कि महासंघ को इस बात से संतुष्ट होना होगा कि उन्होंने डोपिंग रोधी नियमों का कोई ऐसा उल्लंघन नहीं किया है, जिसके कारण वह भविष्य में होने वाली किसी भी टूर्नामेंट में महासंघ का प्रतिनिधित्व करने के अयोग्य हो जाए. विनेश के पास WFI के नोटिस का जवाब देने के लिए 14 दिन हैं.

