कौन हैं कैंडिडेट्स चेस टूर्नामेंट जीतने वाली पहली भारतीय महिला वैशाली? अब वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए पेश करेंगी चुनौती

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आर वैशाली ने कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीता. (PC: Getty)
आर वैशाली ने कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीता. (PC: Getty)

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आर वैशाली ने कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीता.

वैशाली ने वर्ल्ड चैंप‍ियनश‍िप के लिए क्वालिफाई कर लिया.

भारत की आर वैशाली ने बीते दिन अपने करियर का सबसे बड़ी जीत हासिल की.उन्होंने साइप्रस में FIDE महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट जीत लिया है. इसी के साथ वह इस ख‍िताब को जीतने वाले पहली भारतीय महिला चेस ख‍िलाड़ी बन गई हैं. उन्होंने इस टूर्नामेंट को जीतकर इस साल के आख‍िर में होने वाले विश्व चैंपियनशिप मैच में अपनी जगह पक्की कर ली. वैशाली ने कुल 8.5 अंक हासिल किए और बिबिसारा अस्सौबायेवा से आधा अंक आगे रहते हुए रोमांचक अंदाज में टूर्नामेंट जीता.

छह साल की उम्र में शतरंज का सफर शुरू

21 जून 2001 को चेन्नई में जन्मी वैशाली ने छह साल की उम्र में शतरंज खेलना शुरू किया.उनका करियर बहुत कम उम्र में ही बुलद‍िंयों पर चढ़ा. उन्होंने अंडर-12 और अंडर-14 कैटेगरी में गर्ल्स वर्ल्ड यूथ चेस चैंपियनशिप जीती.उन्होंने 2018 में वुमन ग्रैंडमास्टर (WGM) का खिताब हासिल किया और 2021 में इंटरनेशनल मास्टर (IM) बनीं. 2023 के आखिर में कतर मास्टर्स और लोब्रेगाट ओपन में शानदार प्रदर्शन के बाद वैशाली ने ग्रैंडमास्टर (GM) खिताब के लिए सभी जरूरी शर्तें पूरी कर लीं और इस रैंक तक पहुंचने वाली सिर्फ़ तीसरी भारतीय महिला बन गईं. 

इतिहास की पहली ऐसी भाई-बहन की जोड़ी

वैशाली के छोटे भाई आर प्रज्ञानानंद भी ग्रैंडमास्टर हैं. 2024 में वे इतिहास की पहली ऐसी भाई-बहन की जोड़ी बन गए, जिनके पास एक ही समय पर ग्रैंडमास्टर का खिताब था. इन भाई-बहन की जोड़ी ने भारत के शतरंज को और आगे तक बढ़ाया. जहां प्रज्ञानानंद पुरुषों के एलीट सर्किट में लगातार बने रहे हैं, वहीं 2026 के कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में वैशाली की जीत ने उन्हें और ऊचाइंयों तक पहुंचा द‍िया. 

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