कौन हैं जादूमनी सिंह ? जिन्होंने मेंस मुक्केबाजी में भारत के लिए जीता सिल्वर, हाथ से निकला गोल्ड

SportsTak

SportsTak

अपडेटेड:

google-icon
भारतीय बाक्सर जादूमनी सिंह
भारतीय बाक्सर जादूमनी सिंह

Story Highlights:

जादूमनी ने कॉमनवेल्थ गेम्स में जीता गोल्ड मेडल

फाइनल तक सभी मुकाबले शानदार अंतर से जीते

भारतीय बॉक्सर जादूमनी सिंह फाइनल में बेहतरीन प्रदर्शन नहीं दिखा सके. भारतीय सेना के जवान जादूमनी 55 किग्रा वेट कैटेगरी का फाइनल खेलने उतरे और उन्हें हार का सामना करना पड़ा. जादूमनी फाइनल मुकाबले में पंच नहीं बरसा सके और उन्हें ऑस्ट्रेलिया के जे डिक्सन ने बुरी तरह 5-0 से हराया. इससे जादूमनी के हाथ से गोल्ड मेडल फिसल गया और उन्हें सिल्वर से ही संतोष करना पड़ा.

कौन हैं जादूमनी और कैसे बने बॉक्सर?

जादूमनी की बात करें तो उनका जन्म 5 मई को इम्फाल के पास इरोइशेम्बा में हुआ था. जादूमनी का जन्म बेहद गरीब परिवार में हुआ और उनके माता-पिता की कोई स्थायी आय नहीं थी. मणिपुर में लगने वाले कर्फ्यू और अक्सर इंटरनेट बंदी के बीच भी जादूमनी ने अपनी ट्रेनिंग जारी रखी. आर्थिक संकट से पार पाने के लिए जादूमनी ने स्पोर्ट्स कोटे से आर्मी जॉइन की और फिर उन्होंने पूरी तरह से अपने पैशन बॉक्सिंग पर फोकस किया. जादूमनी ने आर्मी जॉइन करने के बाद बॉक्सिंग में जोरदार पंच बरसाने शुरू किए और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर सीनियर मुक्केबाज और ओलंपियन अमित पंघाल को हराकर बॉक्सिंग वर्ल्ड में सनसनी मचा दी थी. जबकि एलीट नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था.

प्रीति पवार ने मुक्कों से बरसाया सोना, कनाडा की मुक्केबाज को हराकर जीता गोल्ड

जादूमनी ने 50 किग्रा से किया शिफ्ट

जादूमनी पहले 50 किग्रा भार वर्ग में खेलते थे और साल 2025 वर्ल्ड चैंपियनशिप में उन्होंने सिल्वर मेडल जीता था. इसके बाद 55 किग्रा भार वर्ग में शिफ्ट होकर जादूमनी ने कमाल किया और उन्होंने चेकिया में आयोजित ग्रैंड प्रिक्स में गोल्ड मेडल से आगाज किया. जादूमनी इसके बाद रुके नहीं और अब उन्होंने भारत के लिए अपने करियर का पहला कॉमनवेल्थ गेम्स मेडल सिल्वर के रूप में हासिल किया है.