स्पोर्ट्स तक के साथ बातचीत में भारतीय महिला मुक्केबाजों ने अपने खेल, कड़ी ट्रेनिंग और निजी अनुभवों के बारे में विस्तार से चर्चा की. मुक्केबाजों ने बताया कि रिंग में 9 मिनट का मुकाबला खेलने के लिए वे कठिन ट्रेनिंग सेशन से गुजरती हैं. खिलाड़ियों ने रिंग के बाहर आपसी सम्मान, सोशल मीडिया कमेंट्स और इंस्टाग्राम पर मिले खास पलों के बारे में भी बात की. इसके साथ ही उन्होंने एशियाई खेलों की तैयारियों, प्रतियोगिता के बाद पसंदीदा घर के खाने और Gen Z पीढ़ी की तकनीकी समझ व सोच पर अपने विचार साझा किए.
CWG 2026 में सोना जीतने वाली भारतीय महिला बॉक्सर्स ने बताई डाइट और आगे का प्लान
स्पोर्ट्स तक के साथ बातचीत में भारतीय महिला मुक्केबाजों ने अपने खेल, कड़ी ट्रेनिंग और निजी अनुभवों के बारे में विस्तार से चर्चा की. मुक्केबाजों ने बताया कि रिंग में 9 मिनट का मुकाबला खेलने के लिए वे कठिन ट्रेनिंग सेशन से गुजरती हैं. खिलाड़ियों ने रिंग के बाहर आपसी सम्मान, सोशल मीडिया कमेंट्स और इंस्टाग्राम पर मिले खास पलों के बारे में भी बात की. इसके साथ ही उन्होंने एशियाई खेलों की तैयारियों, प्रतियोगिता के बाद पसंदीदा घर के खाने और Gen Z पीढ़ी की तकनीकी समझ व सोच पर अपने विचार साझा किए.
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