जिस उम्र में बच्चों को नए- नए खिलौनों से खेलने का शौक होता, उस उम्र में कुछ चैंपियन बन गए है. हाल में आइची नागोया में हुए एशियन गेम्स में कुछ सबसे बड़ी जीतें युवा खिलाड़ियों ने हासिल की हैं. इस खिलाड़ियों की उम्र में हर किसी को हैरान कर दिया. एशियन गेम्स में मेडल जीतने वाला कोई खिलाडी 11 तो काई 12 साल का था. बचपन में ही इन खिलाड़ियों ने अपने देशों को ऐतिहासिक गोल्ड मेडल दिला दिए, कई बड़े रिकॉर्ड्स को चकनाचूर कर दिया और खेल के मैदान में अपनी मजबूत पहचान बनाई. कहने को ये बच्चे अपने से दोगुनी या तिगुनी उम्र के खिलाड़ियों को देखकर घबराए नहीं, बल्कि शांत और बेफिक्र रहे. एशियन गेम्स में मेडल जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ियों में भारतीय खिलाड़ी भी शामिल हैं.
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20 गोल्ड गंवाए, 13 नए खिताब जीते, इस एशियाड में कैसा रहा भारत का प्रदर्शन?
युकी कुरिहारा: सिर्फ 11 साल की उम्र में ई-स्पोर्ट्स के टैलेंटेड खिलाड़ी युकी कुरिहारा ने 'पुयो पुयो चैंपियंस' जीतकर एशियन गेम्स के इतिहास में सबसे कम उम्र में गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ी का रिकॉर्ड बनाया. फाइनल मैच के बाद कुरिहारा ने कहा था कि वह बहुत खुश हैं. गोल्ड मेडल वाकई बहुत सुंदर, चमकदार और भारी है. कुरिहारा ने प्राइमरी स्कूल के पहले साल में ही 'पुयो पुयो' खेलना शुरू कर दिया था, जहां वे अभी भी पढ़ते हैं और जल्द ही टूर्नामेंट में हिस्सा लेने और जीतने लगे. उन्हें इस साल अप्रैल में प्रो लाइसेंस मिला और वे अक्सर अपने से तीन गुना ज़्यादा उम्र के बड़ों को भी हरा देते हैं. उन्होंने फाइनल में साउथ कोरिया के 24 साल के कांग डोंगशिन को 10–2 से हराया दिया था. कुरिहार एशियन गेम्स के इतिहास के सबसे कम उम्र के गोल्ड मेडलिस्ट बन गए. इससे पहले यह रिकॉर्ड चीन की Cui Chenxi के नाम था, जिन्होंने 2023 में 13 साल की उम्र में स्केटबोर्डिंग का गोल्ड जीता था.
कू योंग-यान: पुरुषों के स्केटबोर्डिंग पार्क इवेंट में ताइपे के कू योंग-यान ने 87.33 पॉइंट्स के साथ सिल्वर मेडल जीता. वह उन कई टीनएजर्स (और उनके मामले में, टीनएज से भी कम उम्र के बच्चों) में से एक थे, जिन्होंने इन गेम्स में स्केटबोर्डिंग में मेडल जीते. जापान के 15 साल के इज़ुरु नागाहारा ने इस इवेंट में गोल्ड मेडल जीता. चीन की 15 साल की झू युआनलिंग ने महिलाओं की स्ट्रीट स्केटबोर्डिंग प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल जीता. चीन की काओ शिकी महिलाओं के स्केटबोर्डिंग पार्क इवेंट में चौथे स्थान पर रहीं और इन गेम्स में चीन की टीम की सबसे कम उम्र की एथलीट थीं.
यू ज़िडी: सिर्फ 13 साल की उम्र में चीन की यू ज़िडी को महिला 'मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर' (MVP) चुना गया. उन्होंने अपने शानदार डेब्यू में तीन गोल्ड मेडल जीते और उतने ही एशियन गेम्स रिकॉर्ड भी तोड़े. इस स्कूली छात्रा ने महिलाओं की 200 मीटर बटरफ़्लाई, और 200 मीटर व 400 मीटर इंडिविजुअल मेडले (IM) इवेंट्स में शानदार जीत हासिल की और अपनी प्रतिद्वंद्वियों पर बड़ी बढ़त बनाए रखी. 200 मीटर IM में उनका समय 2 मिनट 6.10 सेकंड (2:06.10) रहा, जो एक वर्ल्ड जूनियर रिकॉर्ड है और अब तक का दूसरा सबसे तेज समय है. MVP चुने जाने के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि वह कोई 'प्रॉडिजी' (असाधारण प्रतिभा वाली) हैं. जैसा कि लोग कहते हैं. वह कड़ी ट्रेनिंग करती रहेंगी, खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करेंगी और पूरे एशिया के युवा एथलीटों के साथ मिलकर काम करेंगी, ताकि ज़्यादा से ज़्यादा युवाओं को खेलों, खासकर तैराकी, से जुड़ने और उसमें हिस्सा लेने के लिए प्रेरित कर सकें.
चोई जी-उन: कोरिया के टीनएज सेलर चोई जी-उन ने लड़कों के डिंगी इवेंट में गोल्ड मेडल जीता. वह महज 15 साल के हैं. इसके साथ ही वे कोरिया के
सबसे कम उम्र के गोल्ड मेडलिस्ट बन गए. चोई ने मुख्य मेजबान शहर नागोया से लगभग 50 किलोमीटर (31 मील) दक्षिण-पूर्व में स्थित गामागोरी के काइयोह यॉट हार्बर में हुए इवेंट के फ़ाइनल में पहला स्थान हासिल किया. 15 साल के इस एथलीट ने एशियन गेम्स में कोरियाई दल के सबसे कम उम्र के गोल्ड मेडलिस्ट होने का रिकॉर्ड बनाया.
वैभव सूर्यवंशी: विस्फोटक बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी एशियन गेम्स में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय बन गए. भारत ने निशिन के कोरोजी स्पोर्ट्स पार्क में खेले गए पुरुषों के क्रिकेट फ़ाइनल में पाकिस्तान को 19 रनों से हराया. 15 साल, छह महीने और सात दिन की उम्र में सूर्यवंशी ने शूटर सौरभ चौधरी का रिकॉर्ड तोड़ा. सौरभ ने 2018 में जकार्ता में हुए एशियन गेम्स में पुरुषों के 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में 16 साल, तीन महीने और नौ दिन की उम्र में गोल्ड मेडल जीता था. इस तरह सूर्यवंशी गोल्ड मेडल जीतने वाले भारत के इकलौते 15 साल के खिलाड़ी बन गए हैं.
भारत ने कितने मेडल जीते
भारत ने एशियन गेम्स 2026 में 21 गोल्ड, 27 सिल्वर और 37 ब्रॉन्ज समेत कुल 85 मेडल जीते. भारत का यह 2022 के एडिशन के बाद अब तक का दूसरा सबसे अच्छा फिनिश था. भारत मेडल टैली में चीन, जापान और साउथ कोरिया के बाद चौथे स्थान पर रहा. चीन ने 169 गोल्ड समेत कुल 341 मेडल जीते, जबकि जापान ने 83 गोल्ड समेत कुल 269 मेडल और साउथ कोरिया ने 39 गोल्ड समेत कुल 150 मेडल जीते.
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