चंडीगढ़: पंजाब में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए राज्य सरकार अब रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र को अगले बड़े विकास इंजन के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है. वर्ष 2022 से अब तक पंजाब को 1.92 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे करीब 6.5 लाख रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है. यह जानकारी पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा ने दी.
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चंडीगढ़ में आयोजित 9वीं सीआईआई मैन्युफैक्चरिंग एक्सीलेंस प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार उद्योगों को बेहतर कारोबारी माहौल उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है. इस अवसर पर वायुसेना के पूर्व प्रमुख एयर चीफ मार्शल बी.एस. धनोआ (सेवानिवृत्त) भी मौजूद रहे.
अमन अरोड़ा ने बताया कि मौजूदा वित्तीय वर्ष के पहले छह महीनों यानी 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच पंजाब को 32,110 करोड़ रुपये के 1,626 निवेश प्रस्ताव मिले हैं. इन प्रस्तावों से 91,236 नौकरियों के सृजन की उम्मीद है.
उन्होंने कहा कि पंजाब की अर्थव्यवस्था में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की अहम भूमिका है. राज्य में ऑटो पार्ट्स, ट्रैक्टर, साइकिल, हैंड टूल्स, खेल उपकरण, होजरी और स्टील उत्पाद बनाने वाली औद्योगिक इकाइयां देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी अपनी पहचान बना रही हैं.
उद्योगों को 125 प्रतिशत तक निवेश प्रोत्साहन
उद्योग मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार ने निवेशकों की सुविधा के लिए फास्टट्रैक पंजाब सिंगल-विंडो सिस्टम को मजबूत किया है. इसके तहत उद्योगों को सभी आवश्यक अनुमतियां एक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही हैं और 45 कार्य दिवसों के भीतर समयबद्ध स्वीकृति सुनिश्चित करने का प्रावधान है.
उन्होंने बताया कि नई औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति-2026 के तहत ऑटो कंपोनेंट्स, इलेक्ट्रिक वाहन, रक्षा एवं एयरोस्पेस, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग और खेल उत्पादों जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में पूंजी निवेश पर 125 प्रतिशत तक प्रोत्साहन दिया जा रहा है.
अरोड़ा ने कहा कि फास्टट्रैक पोर्टल पर अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की गई है. स्वीकृतियों में देरी होने पर ऑटो-एस्केलेशन और कारण बताओ नोटिस जारी करने की व्यवस्था की गई है.
24 सेक्टर समितियों ने तैयार की नई औद्योगिक नीति
नई औद्योगिक नीति के निर्माण में उद्योग जगत की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि सरकार ने 24 सेक्टर समितियों के माध्यम से उद्योग प्रतिनिधियों के सुझावों को शामिल किया है.
उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य और समाज का विकास उद्योगों के बिना संभव नहीं है. इसलिए सरकार ने ऐसी नीति तैयार की है, जिसमें उद्योगों की वास्तविक जरूरतों और चुनौतियों को प्राथमिकता दी गई है. उन्होंने उद्यमियों से प्रदर्शनी के माध्यम से नए कारोबारी अवसर तलाशने और वेंडर मैचमेकिंग का लाभ उठाने की अपील भी की.
रक्षा और एयरोस्पेस सेक्टर में पंजाब के लिए नए अवसर
अमन अरोड़ा ने रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र को पंजाब की इंजीनियरिंग इकाइयों के लिए एक बड़ा अवसर बताया. उन्होंने कहा कि राज्य की कई औद्योगिक इकाइयां पहले से ही सटीक पुर्जों का निर्माण कर रही हैं, जिनका इस्तेमाल रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में किया जा सकता है.
उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी के दौरान इन्वेस्ट पंजाब की ओर से वेंडर डेवलपमेंट से जुड़ी चर्चाएं आयोजित की गई हैं, जिससे स्थानीय विनिर्माताओं को इस क्षेत्र की बड़ी कंपनियों के साथ जुड़ने और सप्लायर बनने के अवसर मिलेंगे.
मंत्री ने बड़ी कंपनियों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) से पंजाब के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) से खरीद बढ़ाने की अपील की. उन्होंने कहा कि स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं के विकास से पूरे औद्योगिक इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी.
युवाओं के लिए राज्य में ही रोजगार के अवसर पैदा करने पर जोर
उद्योग मंत्री ने उद्योगों से पंजाब के आईटीआई, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेजों के साथ मिलकर काम करने का आग्रह किया, ताकि युवाओं को उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण मिल सके और उन्हें राज्य के भीतर ही बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध हों.
उन्होंने कहा कि आज मैन्युफैक्चरिंग में उत्कृष्टता का मतलब केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं है, बल्कि बेहतर गुणवत्ता, कम अपशिष्ट, समय पर डिलीवरी, प्रतिस्पर्धी कीमतों और आधुनिक तकनीक को अपनाना भी है.
अमन अरोड़ा ने उद्योग जगत को आश्वस्त किया कि पंजाब सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि उद्योग विभाग और इन्वेस्ट पंजाब निवेशकों एवं उद्यमियों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करेंगे.
कार्यक्रम में सीआईआई पंजाब के चेयरमैन हरप्रीत सिंह निब्बर, आशीष गर्ग सहित उद्योग जगत के कई प्रतिनिधि और प्रदर्शक मौजूद रहे. अमन अरोड़ा ने सीआईआई पंजाब और सभी प्रदर्शकों को बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि यह प्रदर्शनी राज्य में नए कारोबारी समझौतों, औद्योगिक साझेदारियों और निवेश के अवसरों को बढ़ावा देगी.
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