भारतीय टेस्ट टीम के ऑफ स्पिनर के लिए इन खिलाड़ियों ने रणजी ट्रॉफी से ठोका दावा, BGT 2027 है निशाने पर

आऱ अश्विन के 2024 में टेस्ट रिटायरमेंट के बाद से भारतीय टीम अभी तक उनका उत्तराधिकारी नहीं ढूंढ़ पाई है. 2024 में वाशिंगटन सुंदर पर भरोसा किया गया था मगर वे पिछली दो घरेलू टेस्ट सीरीज में असरहीन रहे हैं.

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Shakti Shekhawat

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तनुष कोटियन (बीच में) ऑफ स्पिनर हैं.

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भारत को अगले साल घर पर ऑस्ट्रेलिया के साथ पांच टेस्ट की सीरीज खेलना है.

वाशिंगटन सुंदर पिछली दो घरेलू टेस्ट सीरीज में केवल चार विकेट ले सके हैं.

भारत ने श्रीलंका दौरे पर ऑफ स्पिनर सारांश जैन का डेब्यू कराया था.

भारतीय क्रिकेट टीम आर अश्विन के संन्यास के बाद से ऑफ स्पिनर की तलाश में है. वाशिंगटन सुंदर और सारांश जैन को इस भूमिका के लिए आजमाया गया है. मगर अभी तक इनमें से कोई जगह पक्की नहीं कर पाया है. भारत को अगले साल घर पर ऑस्ट्रेलिया के साथ पांच टेस्ट की सीरीज खेलना है. इससे पहले रणजी ट्रॉफी 2026-27 के पहले हाफ में कुछ ऑफ स्पिनर्स ने प्रभावित किया है और उन्होंने टीम इंडिया में जगह पाने के लिए दावा पेश किया है. इनमें मुंबई के तनुष कोटियन, बड़ौदा के महेश पिठिया जैसे नाम शामिल हैं. जान लेते हैं कि इन्होंने रणजी ट्रॉफी के पहले चार राउंड में कैसा खेल दिखाया है.

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रणजी ट्रॉफी 2026-27 के पहले हाफ में चार राउंड के मुकाबले हुए. इनमें सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में सबसे ऊपर हर्ष दुबे का नाम है जिन्होंने 28 विकेट लिए हैं. वे बाएं हाथ के फिरकी गेंदबाज हैं. ऑफ स्पिनर को देखा जाए तो सबसे ऊपर बड़ौदा के महेश पिठिया आते हैं. उन्होंने चार मैच में 25 विकेट लिए. मुंबई से आने वाले कोटियन ने 24 शिकार किए हैं. फिर त्रिपुरा के संदीप सरकार हैं जो अभी तक 24 विकेट ले चुके हैं. फिर सारांश जैन (19 विकेट) और पुलकित नारांग (19 विकेट) के नाम हैं. इनमें से पिठिया और कोटियन ने बल्ले से भी योगदान दिया है. इनके बाद जलज सक्सेना (17 विकेट), यश कसवांकर (16 विकेट), त्रिपूर्ण विजय (15 विकेट), सिद्धेश वीर (14 विकेट) और मोहित ठाकुर (13 विकेट) के नाम हैं.

वैसे तो भारतीय टीम अभी सुंदर को ऑफ स्पिनर के तौर पर खिला रही है. वे 2024 से घर पर हुई तीनों टेस्ट सीरीज का हिस्सा रहे हैं. अभी न्यूजीलैंड दौरे पर भी भारतीय टीम के साथ हैं. मगर अगले साल जनवरी-मार्च तक होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले भारतीय टीम बाकी ऑफ स्पिनर्स की तरफ भी देख रही है.

सुंदर की टेस्ट में क्यों नहीं है पक्की जगह

27 साल के सुंदर 18 टेस्ट खेल चुके हैं और इनमें 41 विकेट लिए हैं. उनकी औसत 30.34 व स्ट्राइक रेट 55.9 की है. मगर वे पिछले साल साउथ अफ्रीका के साथ टेस्ट सीरीज में नाकाम रहे थे. दो टेस्ट में उन्हें केवल एक विकेट मिला था. वहीं वेस्ट इंडीज के साथ दो टेस्ट की सीरीज में भी उन्हें तीन ही सफलता मिली थी. उन्होंने इससे पहले 2024 में न्यूजीलैंड के सामने घरेलू टेस्ट सीरीज में दो मैच में 16 विकेट लेकर धूम मचाई थी. तब वे अश्विन पर भी भारी पड़ गए थे. मगर सीनियर खिलाड़ी के रिटायरमेंट के बाद सुंदर असरहीन हो गए. इस वजह से भारत को दूसरे ऑफ स्पिनर्स की तरफ देखना पड़ रहा है.

पिठिया ने 2023 में ऑस्ट्रेलिया को बॉलिंग कर खींचा था ध्यान

ऑस्ट्रेलिया टीम साल 2023 में जब भारत में टेस्ट खेलने आई थी तब उसने अश्विन का सामना करने के लिए पिठिया को अपने साथ जोड़ा था. उनकी गेंदों पर अभ्यास के जरिए उन्होंने अश्विन के लिए रणनीति बनाई थी. पिठिया का बॉलिंग एक्शन काफी हद तक अश्विन से मिलता था. इसका फायदा ऑस्ट्रेलिया को मिला था. उसने एक टेस्ट जीता व एक ड्रॉ कराया था. हालांकि भारत ने सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली थी. 

रणजी ट्रॉफी 2026-27 में सर्वाधिक विकेट लेने वाले ऑफ स्पिनर

खिलाड़ी का नाम सीजन मैच पारियां ओवर रन विकेट सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी औसत स्ट्राइक रेट 4 विकेट 5 विकेट
महेश पिठिया (बड़ौदा) 2026-2026 4 7 173.0 524 25 6/116 20.96 41.52 1 2
तनुष कोटियन (मुंबई) 2026-2026 4 7 144.2 372 24 8/81 15.50 36.08 0 2
संदीप सरकार (त्रिपुरा) 2026-2026 4 6 169.0 468 24 8/96 19.50 42.25 3 1
सारांश जैन (मध्य प्रदेश) 2026-2026 4 7 80.3 255 19 7/40 13.42 25.42 0 2
पुलकित नारंग (सर्विसेज) 2026-2026 4 7 137.3 364 19 6/47 19.15 43.42 0 2

भारतीय टेस्ट में ऑफ स्पिनर कौन-कौन पेश कर रहे दावा

पिठिया ने रणजी ट्रॉफी 2026-27 में चार मैच में 20.96 की औसत व 41.52 की स्ट्राइक रेट से 25 विकेट लिए हैं. 116 रन पर छह विकेट उनका सबसे अच्छा प्रदर्शन है. वह सर्वाधिक विकेट वाले बॉलर्स की लिस्ट में संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर हैं. उन्होंने इस रणजी सीजन में बल्ले से एक अर्धशतक व शतक भी बनाया है. इनमें 61 व 102 रन की पारी खेली है. पांच पारियों में 59.66 की औसत से 179 रन उनके नाम है. वे इस रणजी सीजन बड़ौदा की ओर से चौथे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं. इस खेल से उनकी ऑफ स्पिनर के रूप में दावेदारी मजबूत होती है. वे 24 साल के हैं. ऐसे में भारत में ऑफ स्पिनर के भविष्य बन सकते हैं

तनुष कोटियन को मिलेगा खेलने का मौका

मुंबई से आने वाले कोटियन 2024-25 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर अश्विन के संन्यास के बाद भारतीय टीम में चुने गए थे. मगर खेल नहीं सके थे. वे इस रणजी सीजन 15.50 की औसत व 36.08 की स्ट्राइक रेट से 24 विकेट ले चुके हैं. 81 रन पर आठ विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है. अगर उनकी बैटिंग को देखा जाए तो वे दो अर्धशतक इस सीजन लगा चुके हैं. उन्होंने 48.33 की औसत से 145 रन बनाए हैं. 28 साल के कोटियन को सितंबर में ऑस्ट्रेलिया के साथ ए सीरीज के लिए भी लिया गया था. वे अश्विन के उत्तराधिकारी के तौर पर देखे जा रहे हैं. यही वजह थी कि जब अश्विन ने संन्यास लेने का फैसला किया तब इस गेंदबाज को भारत से बुला लिया गया था. हालांकि बाद में सुंदर को ही लगातार खिलाया गया.

23 साल के संदीप सरकार इस सीजन विकेट लेने वाले ऑफ स्पिनर्स में तीसरे नंबर पर है. उन्होंने 19.50 की औसत व 42.25 की स्ट्राइक रेट से 24 विकेट निकाले हैं. उनका सबसे अच्छा प्रदर्शन 96 पर आठ विकेट रहा. हालांकि बल्ले से वे योगदान नहीं पाए. वे घरेलू क्रिकेट में त्रिपुरा की ओर से खेलते हैं. साथ ही यह उनका पहली ही पूर्ण सीजन हो सकता है. ऐसे में अभी उनकी दावेदारी पीछे है.

सारांश जैन का अच्छा नहीं रहा टेस्ट डेब्यू

सारांश ने अगस्त में श्रीलंका दौरे से भारत के लिए टेस्ट डेब्यू किया था. हालांकि उनका प्रदर्शन असरदार नहीं रहा था. वे इस रणजी सीजन 13.42 की औसत व 25.42 की स्ट्राइक रेट से 19 विकेट ले चुके हैं. 40 रन पर सात विकेट उनका सबसे अच्छा प्रदर्शन है. बल्ले से नाबाद 35 व 34 रन के रूप में उनके उल्लेखनीय योगदान रहे हैं. सारांश 33 साल के हो चुके हैं और समझा जाता है कि उन्हें अब शायद ही भारतीय टेस्ट टीम के लिए दोबारा चुना जाए

रेलवे से आने वाले नारंग इस सीजन अभी तक रणजी में पांचवें सबसे सफल ऑफ स्पिनर हैं. उन्होंने 19.15 की औसत व 43.42 की स्ट्राइक रेट से 19 शिकार किए हैं. 47 रन पर छह विकेट उनका सबसे अच्छा प्रदर्शन रहा है. वे कुछ सीजन पहले तक टीम इंडिया में चुने जाने की रेस में है. मगर अब उम्र के चलते उनका दावा कमजोर पड़ा है.

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