CPR और 4 बार डिफिब्रिलेटर के झटके, मैच देखने आए लोगों की अवेयरनेस के कारण कार्डियक अरेस्ट से बची बल्लेबाज की जान

कार्डियक अरेस्ट के कारण बेहोश हुए बल्लेबाज को होश में लाने के लिए क्रिकेटरों और दर्शकों ने CPR दिया और डिफिब्रिलेटर का इस्तेमाल किया. बल्लेबाज को चार बार शॉक द‍िया गया.

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किरण सिंह

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न्यूजीलैंड में एक मैच के बल्लेबाज विकेटों के बीच दौड़ते समय बेहोश होकर गिर पड़ा. (PC: Getty)

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न्यूजीलैंड में एक मैच के बल्लेबाज विकेटों के बीच दौड़ते समय बेहोश होकर गिर पड़ा.

बल्लेबाज को होश में लाने के लिए CPR दिया गया और डिफिब्रिलेटर का इस्तेमाल किया.

समय पर दिए गए CPR और डिफिब्रिलेटर शॉक के कारण एक क्रिकेट की जान बच गई. शनिवार को नॉर्थ कैंटरबरी के मैंडेविले स्पोर्ट्स ग्राउंड पर ओहोका के खिलाफ खेलते हुए स्वाननोआ क्रिकेट क्लब का एक खिलाड़ी विकेटों के बीच दौड़ते समय बेहोश होकर गिर पड़ा. कार्डियक अरेस्ट के कारण बेहोश हुए बल्लेबाज को होश में लाने के लिए क्रिकेटरों और दर्शकों ने CPR दिया और डिफिब्रिलेटर का इस्तेमाल किया. बल्लेबाज को चार बार शॉक द‍िया गया. मैच के दौरान हुए इस हादसे के बाद मुकाबले को रद्द कर दिया गया. स्वाननोआ क्रिकेट क्लब के अध्यक्ष रसेल ड्रेक ने क्लब की ओर से फेसबुक पर एक बयान जारी किया. उन्होंने लिखा कि हम उन लोगों के हमेशा आभारी रहेंगे जिन्होंने तुरंत और पूरे भरोसे के साथ CPR दिया और डिफिब्रिलेटर (Defib) का इस्तेमाल किया, जिससे हमारे एक बहुत ही करीबी और प्यारे व्यक्ति की जान बच सके. हमारी संवेदनाएं उनके परिवार और इस घटना से प्रभावित सभी लोगों के साथ हैं. 

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ओहोका क्रिकेट क्लब ने एक बयान में कहा कि जब मैदान पर स्वाननोआ के एक खिलाड़ी को कार्डियक अरेस्ट आया, तो खिलाड़ियों, अंपायरों, समर्थकों और क्रिकेट समुदाय के अन्य सदस्यों ने तुरंत र‍िएक्ट किया. उनके शांत, निस्वार्थ और निर्णायक कदमों की बदौलत तुरंत CPR शुरू किया जा सका, मौके पर डिफिब्रिलेटर लाया गया और आपातकालीन सेवाओं के पहुंचने तक जरूरी देखभाल दी गई. लोगों की मदद करने की तत्परता, CPR की उनकी जानकारी और डिफिब्रिलेटर की उपलब्धता ने बहुत बड़ा फर्क डाला. 

AED के जरिए चार झटके

क्लब के एक सदस्य ने 'स्टफ' (Stuff) को बताया कि इस्तेमाल में आसान एक पोर्टेबल मेडिकल डिवाइस ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (AED)  कई सालों से क्लब में रखा था, लेकिन इसे कभी इस्तेमाल नहीं किया गया था. जिस ख‍िलाड़ी को CPR दिया गया, उसे होश में लाने से पहले AED के जरिए चार झटके भी दिए गए. इस डिवाइस की सबसे अच्छी बात यह है कि यह हमारे क्लब के सदस्यों के बिल्कुल पास मौजूद थी. यह डिवाइस क्लब हाउस के सामने रखी थी और आम लोगों के इस्तेमाल के लिए भी उपलब्ध थी. यह एक काफी अहम उपकरण है. र‍िपोर्ट्स के मुताबिक ख‍िलाड़ी की सर्जरी हो चुकी है और अब हालत स्थिर है. 

ये क्रिकेटर्स भी कार्डियर अरसेस्ट से बचे 

मोहम्मद अख्तर हुसैन: ल्यूटन के रहने वाले 40 साल के मोहम्मद अख्तर हुसैन 3 मई 2025 को हर्टफोर्डशर के चिपरफील्ड क्लेरेंडन क्रिकेट क्लब में बुशी क्रिकेट क्लब की ओर से खेलते समय कंधे के दर्द के कारण अस्वस्थ महसूस कर रहे थे. एक ब्रेक के दौरान वह गिर पड़े. पास ही मौजूद सेंट जॉन एम्बुलेंस की वॉलियंटर लॉरा एंडरसन ने उन्हें 29 मिनट तक CPR दिया, जब तक कि पैरामेडिक्स वहां नहीं पहुंच गए. समय पर मिले CPR ने अख्तर की जान बचा ली. 

तमीम इकबाल: प‍िछले साल मार्च में बांग्लादेश के पूर्व कप्तान तमीम इकबाल को सावर में ढाका प्रीमियर डिवीजन क्रिकेट लीग मैच के दौरान दिल का दौरा पड़ा. उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उनकी एंजियोप्लास्टी हुई और वे सफलतापूर्वक ठीक हो गए. तमीम शाइनपुकुर क्रिकेट क्लब के खिलाफ मोहम्मडन स्पोर्टिंग क्लब की कप्तानी कर रहे थे, लेकिन उन्होंने पहली पारी में केवल एक ओवर के लिए ही फील्डिंग की. सीने में तकलीफ महसूस होने के बाद तमीम मैदान से बाहर चले गए और डॉक्टरों को दिखाने के लिए पास के ही अस्पताल चले गए थे. 

फिल स्टीयर्स: साल 2024 में 68 साल के गेंदबाज फिल सटीयर्स एक मैच में  एक ओवर पूरा करने के बाद मैदान के बाहर गिर पड़े. पैरामेडिक्स के पहुंचने से पहले विरोधी टीम और उनकी अपनी ही टीम के खिलाड़ियों (शबीर काशू, डोना केलेस और मार्क डिडकोट) ने मिलकर 20 मिनट तक CPR दिया, जिससे उनका दिल दो बार फिर से धड़कने लगा. बाद में उनके शरीर में एक 'इम्प्लांटेबल कार्डियोवर्टर-डिफिब्रिलेटर' (ICD) लगाया गया था. 

साइमन पार्कर: जून 2025 में  59 साल के साइमन बल्लेबाजी करते समय गिर पड़े और 10 मिनट से अधिक समय तक बेहोश रहे. उनके बेटे ने उन्हें CPR दिया, जबकि एक ऑफ ड्यूटी फायरफाइटर ने क्लब के AED का इस्तेमाल करके उन्हें होश में लाने में मदद की. इस घटना के बाद विपक्षी टीम 'वेलिंगटन' ने CPR और डिफिब्रिलेटर के इस्तेमाल के लिए मुफ्त पुनर्जीवन (resuscitation) ट्रेन‍िंग सेशन आयोजित किया था. 


क्यों अहम है तुरंत एक्शन?

खेल के मैदान पर ख‍िलाड़‍ियों के कार्डियक अरेस्ट के कई मामले आए है और ज्यादातर मामलों में तुरंत र‍िएक्शन से ख‍िलाड़ी की जान भी बची है.  जून 2021 को कोपेनहेगन में डेनमार्क और फिनलैंड के बीच यूरो 2020 मैच के दौरान डेनमार्क के खिलाड़ी क्रिश्चियन एरिक्सन मैदान पर गिर पड़े थे. दुनिया भर में करोड़ों लोगों ने इस घटना को लाइव देखा था. उनके दिल ने धड़कना बंद कर द‍िया था. डेनमार्क के कप्तान साइमन कजेर ने एक सेकंड भी बर्बाद किए तुरंत उनके सांस लेने का रास्ता साफ किया, जबकि मेडिकल स्टाफ तेजी से मैदान पर पहुंचा.  कुछ ही सेकंड में CPR शुरू कर दिया गया और डिफिब्रिलेटर से दिए गए एक शॉक ने उनके दिल की धड़कन को फिर से शुरू कर दिया.  उन्हें स्ट्रेचर पर मैदान से बाहर ले जाया गया. उस समय तक वे होश में आ गए थे और बाहर जाते समय उन्होंने दर्शकों की ओर हाथ हिलाकर अभिवादन किया. एरिक्सन के शरीर में एक ICD (इम्प्लांटेबल कार्डियोवर्टर डिफिब्रिलेटर) लगाया गया.  इसके बाद वह पेशेवर फुटबॉल में वापसी करने में सफल भी रहे. इस घटना के बाद पूरे यूरोप में CPR के बारे में अवेयरनेस और प्रशिक्षण में भारी वृद्धि हुई. यह घटना इस बात का एक उदाहरण बनी कि कैसे मौके पर मौजूद लोगों की तुरंत प्रतिक्रिया और डिफिब्रिलेशन से किसी की जान बचाई जा सकती है और एक बार फिर लोगों की अवेयरनेस के कारण एक बल्लेबाज की भी जान बच गई.  

• अस्पताल के बाहर होने वाले कार्डियक अरेस्ट के मामलों में तुरंत चेस्ट कम्प्रेशन (CPR) देने और AED (ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर) उपलब्ध होने से जान बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है. 
• क्रिकेट ऑर्गेनाइजेशन और मेडिकल अधिकारी इस बात पर जोर देते हैं कि सामुदायिक और ग्रामीण खेल मैदानों में काम करने की स्थिति में AED मौजूद हों और वहां प्राथमिक चिकित्सा (फर्स्ट-एड) का प्रशिक्षण लिए कर्मचारी या खिलाड़ी भी मौजूद रहें. 

 

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