भारत के अंकुश पंघाल ने एशियन गेम्स 2026 में मुक्केबाजी में भारत का पहला पदक पक्का कर दिया है.पंघाल ने पुरुषों के 80 किलो क्वार्टर फाइनल में रविवार को ताजिकिस्तान के नेकरूज सालिमोव को 5-0 से हराया. ग्लास्गो में पिछले महीने कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाले अंकुश ने सालिमोव को हराकर सेमीफाइनल में जगह पक्की की. भारत के इस एडिशन में अभी तक चार गोल्ड, 12 सिल्वर और 14 ब्रॉन्ज समेत कुल 30 मेडल हो गए हैं.
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एशियन गेम्स में पदार्पण कर रहे हरियाणा के इस मुक्केबाज ने मजबूत शुरुआत की और सीधे बायें और दायें हुक जैसे सटीक पंच लगाकर सालिमोव को दबाव में रखा. सालिमोव ने पलटवार की कोशिश की,लेकिन उनके हमलों में दम नहीं था. पहले दौर में सभी पांच जज का फैसला अंकुश के पक्ष में रहा.दूसरे दौर में भी उन्होंने यही लय बनाये रखी और फिर पांचों जज के स्कोरकार्ड पर यह दौर भी अपने नाम किया.
सालिमोव की कोशिशों को किया नाकाम
जैसे-जैसे राउंड आगे बढ़ा, भारतीय मुक्केबाज ने संयम बनाए रखा. वे बेकार की उलझनों में नहीं पड़े और सही मौके का इंतज़ार करके हमला किया. अंकुश ने एक बार फिर सभी पांच जजों के स्कोरकार्ड पर राउंड अपने नाम किया. फाइनल राउंड में अच्छी बढ़त के साथ उतरने के बाद अंकुश ने अपनी ऊर्जा बचाए रखने और सलीमोव को दूर रखने पर ध्यान दिया. ताजिक मुक्केबाज ने रफ़्तार बढ़ाने और कुछ पंच मारने की कोशिश की, लेकिन अंकुश जीत पक्की करने के लिए काफ़ी अंक पहले ही हासिल कर चुके थे. भारतीय मुक्केबाज ने मुक़ाबले का रुख़ बदलने की सालिमोव की कोशिशों को नाकाम कर दिया और 5-0 से जीत हासिल की. इसके साथ ही वे इन खेलों में मेडल पक्का करने वाले पहले भारतीय मुक्केबाज़ बन गए.
अब सेमीफाइनल में अंकुश पंघाल का सामना वर्ल्ड चैंपियन उज़्बेकिस्तान के फ़ज़लिद्दीन एरकिनबोएव से होगा. अंकुश के अलावा सचिन सिवाच, प्रिया घंघास, ओलिंपिक मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन से भी पूरे देश को मेडल की उम्मीद है.
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