अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट मैच में टीम इंडिया के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. इसके बाद केएल राहुल जब 16 रन पर खेल रहे थे, तभी गेंद उनके बल्ले का हल्का सा बाहरी किनारा लेकर विकेटकीपर के पास पहुंची. इस पर अफगानिस्तान के विकेटकीपर और अन्य खिलाड़ियों ने जोरदार अपील की, लेकिन मैदानी अंपायर ने उन्हें आउट नहीं दिया. इसके बाद अफगान कप्तान हशमतुल्लाह शहीदी ने रिव्यू भी नहीं लिया, जिससे राहुल को बड़ा जीवनदान मिल गया.
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राहुल को कैसे मिला जीवनदान ?
पारी के 11वें ओवर में अफगानिस्तान के गेंदबाज जिया उर रहमान गेंदबाजी करने आए. उनकी बाहर जाती गेंद पर राहुल ने कट शॉट खेलने का प्रयास किया, लेकिन गेंद हल्के से बल्ले को लगकर विकेटकीपर के पास गई, जिसने कैच पूरा किया. इसके बावजूद अंपायर ने आउट नहीं दिया. इस दौरान राहुल असमंजस में नजर आए और ऐसा जताते रहे कि गेंद उनके बल्ले से नहीं लगी है. स्लिप में खड़े रहमानुल्लाह गुरबाज ने कप्तान हशमतुल्लाह शहीदी से रिव्यू लेने का इशारा किया, लेकिन विकेटकीपर अफसर के पूरी तरह आश्वस्त न होने के कारण कप्तान ने रिव्यू नहीं लिया. इसी वजह से राहुल को 16 रन पर जीवनदान मिल गया.
इसके बाद जब रिप्ले और स्निको मीटर की जांच की गई, तो स्पष्ट हुआ कि गेंद बल्ले को छूकर गई थी. अगर अफगान कप्तान रिव्यू लेते, तो राहुल आउट हो सकते थे.
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राहुल ने जीवनदान का उठाया फादया
खबर लिखे जाने तक राहुल शानदार बल्लेबाजी कर रहे थे और उन्होंने अपने टेस्ट करियर की 21वीं अर्धशतक पूरी कर ली थी. भारत ने एक विकेट पर 118 रन बना लिए थे और मजबूत स्थिति में नजर आ रहा था. राहुल के साथ दूसरे छोर पर साई सुदर्शन 41 रन बनाकर अच्छी लय में खेल रहे थे. अब टीम इंडिया पहली पारी में ही विशाल स्कोर बनाकर दूसरी बार बैटिंग नहीं करना चाहेगी.
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