आयरलैंड का पांच वनडे मैच की सीरीज के लिए अफगानिस्तान की मेजबानी करना इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) को चुभ गया. ईसीबी इस सीरीज से नाराज है. उसका मानना है कि आयरलैंड ने अफगानिस्तान की मेजबानी कर उसके साथ एकजुटता नहीं दिखाई. इंग्लैंड ने अफगान टीम के साथ द्विपक्षीय सीरीज को बंद कर रखा है. उसने यह फैसला अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के महिलाओं के खेलने पर रोक लगाने के चलते लिया.
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ईसीबी के चेयरमैन रिचर्ड थॉम्पसन ने तालिबान सरकार के फैसले को लैंगिक रंगभेद कहा था. इंग्लिश टीम अफगानिस्तान के साथ केवल आईसीसी इवेंट में ही खेलती है. क्रिकेट आयरलैंड के ताजा फैसले के बाद अब इंग्लिश बोर्ड अब विचार कर रहा है कि भविष्य में उसके साथ खेलने से बचा जाए. इसका मतलब है कि आयरलैंड के साथ सीरीज को टाला जा सकता है. इंग्लैंड ने 2019 व 223 में घर पर आयरलैंड के साथ टेस्ट खेले थे. अगले साल उसने आयरिश टीम की जगह बांग्लादेश के साथ वॉर्म अप टेस्ट खेलने का फैसला किया है.
इंग्लैंड ने चैंपियंस ट्रॉफी में किया था अफगानिस्तान का मुकाबला
इंग्लैंड ने आखिरी बार अफगानिस्तान का सामना 2025 चैंपियंस ट्रॉफी में किया था. तब ईसीबी ने एक स्पेशल बोर्ड मीटिंग बुलाई थी और उसमें खेलने को मंजूरी दी थी. तब इंग्लैंड के 160 के आसपास सांसदों ने ईसीबी से मैच से हटने की अपील की थी.
क्रिकेट आयरलैंड ने अफगानिस्तान के साथ करीबी रिश्ते बनाए हैं. इसी के तहत वह पांच वनडे की मेजबानी कर रहा है. जवाब में अफगानिस्तान मार्च 2027 में आयरलैंड के साथ यूएई में एक टेस्ट, तीन वनडे और तीन टी20 मुकाबले खेलेगा.
अफगानिस्तान से इंग्लैंड ही नहीं ये देश भी नहीं खेलते
अफगानिस्तान आईसीसी का इकलौता फुल मेंबर है जिसकी महिला क्रिकेट टीम नहीं है. इसके बाद भी उस पर बैन नहीं लगा है. आईसीसी के नियमों के तहत महिला व पुरुष दोनों टीम होना जरूरी होता है. इंग्लैंड के अलावा ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका भी अफगानिस्तान से द्विपक्षीय क्रिकेट नहीं खेलते हैं. लेकिन आयरलैंड के अलावा वेस्ट इंडीज, जिम्बाब्वे और भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका व बांग्लादेश जैसे एशियाई देश उसके साथ लगातार क्रिकेट खेलते हैं.
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