बल्ले से खराब प्रदर्शन के बावजूद वैभव सूर्यवंशी दलीप ट्रॉफी में अपनी छाप छोड़ने में सफल रहे. ईस्ट जोन के 15 साल के उप-कप्तान ने बेंगलुरु के BCCI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ग्राउंड 2 में नॉर्थ ईस्ट जोन के ख़िलाफ क्वार्टर फ़ाइनल मैच में शानदार खेल दिखाया और चार गेंदों में दो विकेट चटकाए.ईस्ट ज़ोन की पहली पारी में नॉर्थ ईस्ट जोन के तेज गेंदबाज बिश्वोरजीत कोंथौजम ने सूर्यवंशी को आउट किया.तब तक उन्होंने सिर्फ़ छह गेंदों का सामना किया था और आठ रन बनाए थे, लेकिन उन्होंने गेंदबाज़ी से इसका जवाब दिया और अपना पहला विकेट लेने के लिए उन्हें सिर्फ आठ गेंदों की जरूरत पड़ी.
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चार गेंदों में दो विकेट
सूर्यवंशी ने 28वें ओवर की दूसरी गेंद पर अपना तीसरा फर्स्ट- क्लास विकेट लिया. उन्होंने ऑफ स्टंप के बाहर 'थ्री-क्वार्टर लेंथ' की गेंद फेंकी और किशन उस पर अटैक करने के लिए आगे बढ़े. किशन ने ज़ोर से बल्ला घुमाया, लेकिन उनका संतुलन बिगड़ गया और गेंद बल्ले के ऊपरी हिस्से (लीडिंग एज) से लगकर कवर की तरफ चली गई. सब्स्टीट्यूट फील्डर डेनिश दास ने आसानी से कैच पकड़ लिया. तीन गेंदों के बाद सूर्यवंशी ने फिर से विकेट लिया. उन्होंने इमलीवती लेमटुर को ऑफ स्टंप के आसपास 'गुड-लेंथ' की गेंद फेंकी, जिसे बल्लेबाज ने क्रीज़ पर ही डिफेंड किया. गेंद बल्ले के बाहरी किनारे (आउटसाइड एज) से हल्की सी छूकर निकली और विकेटकीपर इशान किशन ने फुर्ती दिखाते हुए शानदार कैच लपक लिया.
सूर्यवंशी को लंबे फ़ॉर्मेट में ढलने के लिए समय की जरूरत
सबसे लंबे फ़ॉर्मेट में खुद को ढालने के लिए समय और काफ़ी रेड-बॉल क्रिकेट खेलने की जरूरत होगी.सूर्यवंशी ने 15 साल की उम्र में ही काफी कुछ हासिल कर लिया है, लेकिन रेड-बॉल क्रिकेट एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें वह अभी भी निखर रहे हैं. उन्होंने जनवरी 2024 में 12 साल की उम्र में बिहार के लिए अपना फर्स्ट-क्लास डेब्यू किया था. आठ फर्स्ट-क्लास मैचों में उन्होंने 17.25 की औसत से 207 रन बनाए हैं, जिसमें एक अर्धशतक भी शामिल है.
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