इंग्लैंड के खिलाफ गुरुवार को ब्रिस्टल में चौथे T20I मैच में एक बार फिर फ्लॉप होने पर वैभव सूर्यवंशी काफी निराश है और यह निराशा मैदान से बाहर जाते हुए उनके चेहरे पर भी साफ नजर आ रही थी. 15 साल के इस युवा खिलाड़ी को पता था कि उन्होंने अपना विकेट गंवा दिया है. एक गलत टाइमिंग वाले पुल शॉट के कुछ ही पल बाद फील्डर के कैच पूरा करने से पहले उन्हें अंदाजा हो गया था कि इस बार भी वह फेल हो गए और फील्डर के गेंद को पकड़ने से पहले ही सूर्यवंशी मैदान छोड़कर जाने लगे.
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सूर्यवंशी को जोफ्रा आर्चर ने सिर्फ 10 गेंदों पर 15 रन के स्कोर पर आउट किया. आर्चर ने एक बार फिर अपनी शॉर्ट-पिच गेंदबाजी से उन्हें परेशान किया.
लगातार तीसरा कम स्कोर
सूर्यवंशी ने मैनचेस्टर में खेले गए इस सीरीज के दूसरे मुकाबले से इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखा. वह भारत के लिए खेलने वाले सबसे युवा क्रिकेटर भी बने, मगर लगातार तीन मैचों में उनका बल्ला नहीं चल पाया. इस पारी के साथ ही सीरीज में सूर्यवंशी का यह लगातार तीसरा कम स्कोर रहा. उन्होंने दूसरे मैच में अपने T20I डेब्यू पर 14 रन बनाए, इसके बाद तीसरे मैच में 13 रन बनाए और ब्रिस्टल में सिर्फ़ 15 रन ही बना पाए. पिछले मैच में भी सूर्यवंशी को आउट करने वाले आर्चर अपनी उसी योजना पर कायम रहे. कई शॉर्ट बॉल्स से परेशान करने के बाद इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ने सूर्यवंशी को एक गलत टाइमिंग वाला पुल शॉट खेलने पर मजबूर कर दिया, जिसे मिड-ऑन पर सैम करन ने आसानी से कैच कर लिया.
शानदार साल के बाद बड़ी उम्मीदें
एक शानदार साल बिताने के बाद सूर्यवंशी बड़ी उम्मीदों के साथ इंटरनेशनल क्रिकेट में आए थे. उन्होंने IPL 2026 में 237.30 की जबरदस्त स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाकर धूम मचा दी थी. सूर्यवंशी ने शानदार प्रदर्शन की वजह से उन्हें ऑरेंज कैप, मोस्ट वैल्युएबल प्लेयर (MVP) अवॉर्ड और इमर्जिंग प्लेयर अवॉर्ड जिता. इस साल की शुरुआत में उन्होंने भारत की ICC अंडर-19 वर्ल्ड कप जीत में भी अहम भूमिका निभाई थी. फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने सिर्फ 80 गेंदों पर रिकॉर्ड-तोड़ 175 रन बनाए और भारत को अपना छठा U-19 वर्ल्ड कप खिताब जिताया. उन्होंने टूर्नामेंट में कुल 439 रन बनाए और उन्हें 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' चुना गया.
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