भारतीय टीम गुरुवार को इंग्लैंड के खिलाफ कार्डिफ में तीन मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला खेलेगी. इस मैच से पहले भारतीय तेज गेंदबाज गुरनूर बरार के खिलाफ आईसीसी ने एक्शन लिया है. मंगलवार को इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे मैच के दौरान ICC कोड ऑफ कंडक्ट के लेवल एक का उल्लंघन करने पर भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज गुरनूर बरार को चेतावनी दी गई. ICC ने कहा कि बरार खिलाड़ियों और खिलाड़ी सहायता कर्मियों के लिए ICC कोड ऑफ कंडक्ट' के आर्टिकल 2.9 का उल्लंघन करते पाए गए. यह नियम इंटरनेशनल मैच के दौरान किसी खिलाड़ी की ओर या उसके पास गलत या खतरनाक तरीके से गेंद फेंकने से संबंधित है. इस घटना के लिए उन्हें एक डिमेरिट पॉइंट भी दिया गया.
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IND vs ENG : भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरे वनडे में कैसी होगी Playing XI ?
यह घटना इंग्लैंड की पारी के आठवें ओवर में हुई, जब बरार ने अपनी ही ओवर में गेंद उठाई और उसे इंग्लैंड के बल्लेबाज बेन डकेट की तरफ फेंका. मैच रेफरी ने इसे 'अनुचित और खतरनाक' माना. ये आरोप ऑन-फील्ड अंपायर कुमार धर्मसेना और माइक बर्न्स, थर्ड अंपायर सैम नोगज्स्की और चौथे अंपायर रसेल वॉरेन ने लगाए थे.
बैन का खतरा मंडराया
लेवल 1 के उल्लंघन के लिए कम से कम आधिकारिक तौर पर फटकार और ज़्यादा से ज़्यादा खिलाड़ी की मैच फ़ीस का 50 प्रतिशत जुर्माना और एक या दो डिमेरिट पॉइंट की सज़ा हो सकती है. जब कोई खिलाड़ी 24 महीने की अवधि में चार या उससे ज़्यादा डिमेरिट पॉइंट जमा कर लेता है, तो उन्हें सस्पेंशन पॉइंट में बदल दिया जाता है और खिलाड़ी पर बैन लग जाता है. दो सस्पेंशन पॉइंट का मतलब है एक टेस्ट, दो वनडे या दो T20I मैचों का बैन, इनमें से जो भी पहले हो.
ये डिमेरिट पॉइंट खिलाड़ी के अनुशासनात्मक रिकॉर्ड में 24 महीने तक बने रहते हैं, जिसके बाद इन्हें हटा दिया जाता है. भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में छह विकेट से जीत के साथ 1-0 की बढ़त बना ली है. इस मैच में बरार ने मेहमान टीम के लिए दो विकेट लिए. ICC का कहना है कि बरार ने अपना अपराध मान लिया और एमिरेट्स ICC एलीट पैनल ऑफ मैच रेफरी के रिची रिचर्डसन के प्रस्तावित सजा को स्वीकार कर लिया, इसलिए औपचारिक सुनवाई की कोई जरूरत नहीं पड़ी.
16, 389 रन और 333 विकेट लेने वाले ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी का संन्यास
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