ICC ने नए सुपर-10 और एलिमिनेटर फ़ॉर्मेट के साथ किया T20 वर्ल्ड कप 2028 में बदलाव

नए स्ट्रक्चर के तहत हर सुपर 10 ग्रुप की विजेता टीमें सीधे सेमीफाइनल के लिए क्वालिफ़ाई करेंगी. सेमीफाइनल की बाकी दो जगहों के लिए एक नया 'एलिमिनेटर राउंड' होगा

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टी20 वर्ल्ड कप 2028 में चार- चार टीमों के पांच ग्रुप होंगे. (PC: Getty)

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टी20 वर्ल्ड कप 2028 में चार- चार टीमों के पांच ग्रुप होंगे.

टी20 वर्ल्ड कप 2028 में सुपर 10 स्टेज खेला जाएगा.

इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने बुधवार को 2028 मैंस टी20 वर्ल्ड कप के लिए एक नया फ़ॉर्मेट पेश किया. इसमें एक नया सुपर 10 स्टेज और 'एलिमिनेटर' राउंड शामिल किया गया है, ताकि उभरती हुई टीमों को ज़्यादा मौके मिल सकें, जबकि टूर्नामेंट 20 टीमों का ही बना रहेगा. ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड मिलकर इस टूर्नामेंट की मेजबानी करेंगे. टूर्नामेंट की शुरुआत चार-चार टीमों वाले पांच ग्रुप से होगी. ये 2026 के एडिशन में इस्तेमाल किए गए पांच-पांच टीमों वाले चार ग्रुप के फॉर्मेट को र‍िप्लेस करेगा.हर ग्रुप की टॉप दो टीमें नए 'सुपर 10' स्टेज में पहुंचेंगी, जहां 10 क्वालिफायर टीमों को पांच-पांच के दो ग्रुप में बांटा जाएगा और वे राउंड-रॉबिन लीग खेलेंगी. 

ICC ने बदला वनडे वर्ल्ड कप का फॉर्मेट, ग्रुप राउंड से पहले सुपर सीरीज राउंड

नए स्ट्रक्चर के तहत हर सुपर 10 ग्रुप की विजेता टीमें सीधे सेमीफाइनल के लिए क्वालिफ़ाई करेंगी. सेमीफाइनल की बाकी दो जगहों के लिए एक नया 'एलिमिनेटर राउंड' होगा, जिसमें हर ग्रुप की दूसरे नंबर पर रहने वाली टीम का मुक़ाबला दूसरे ग्रुप की तीसरे नंबर पर रहने वाली टीम से होगा. इन मैचों की विजेता टीमें अंतिम चार में जगह बनाएंगी और इसके बाद टूर्नामेंट मौजूदा सेमीफाइनल और फाइनल फॉर्मेट के साथ आगे बढ़ेगा. 

क्वालिफ़िकेशन का तरीका भी साफ

ICC ने टूर्नामेंट के लिए क्वालिफ़िकेशन का तरीका भी साफ कर दिया है. 2026 T20 वर्ल्ड कप और ICC रैंकिंग में अपने प्रदर्शन के आधार पर बारह टीमें अफगानिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, बांग्लादेश, इंग्लैंड, भारत, आयरलैंड, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान, दक्षिण अफ़्रीका, श्रीलंका, वेस्ट इंडीज और ज़िम्बाब्वे पहले ही ऑटोमैटिक क्वालिफ़िकेशन हासिल कर चुकी हैं. 

बाकी आठ जगहों का फैसला 16 टीमों वाले ग्लोबल क्वालिफायर से होगा.  2026 वर्ल्ड कप के लिए सीधे क्वालिफाई न कर पाने वाली आठ टीमें कनाडा, इटली, नामीबिया, नेपाल, नेदरलैंड्स, ओमान, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका सीधे ग्लोबल क्वालिफ़ायर में पहुंचेंगी.हालांकि स्कॉटलैंड को 2026 टूर्नामेंट में अपनी भागीदारी से जुड़े खास हालात की वजह से यूरोप रीजनल फाइनल में सीधे एंट्री दी गई है. 

ग्लोबल क्वालिफायर स्पॉट रीजनल क्वालिफ़िकेशन इवेंट्स


बाकी आठ ग्लोबल क्वालिफायर स्पॉट रीजनल क्वालिफ़िकेशन इवेंट्स के जरिए भरे जाएंगे. इनमें अफ्रीका, एशिया और यूरोप को दो-दो जगहें मिलेंगी, जबकि अमेरिका और ईस्ट एशिया-पैसिफ़िक क्षेत्रों को एक-एक जगह मिलेगी. ग्लोबल क्वालिफ़ायर में हर क्षेत्र की सबसे अच्छी रैंकिंग वाली टीम और कुल मिलाकर अगली तीन सबसे अच्छी रैंकिंग वाली टीमें 2028 वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करेंगी, बशर्ते वे कम से कम परफ़ॉर्मेंस क्राइटेरिया को पूरा करें. 

ICC का कहना है कि डेवलपमेंट और चीफ एग्जीक्यूटिव्स कमेटियों की सिफारिशों के बाद टूर्नामेंट के बदले हुए स्ट्रक्चर को उसके बोर्ड ने मंजूरी दे दी है. हालांकि इसे अंतिम मंजूर नवंबर में होने वाली बैठकों में ICC की फ़ाइनेंस और कमर्शियल अफ़ेयर्स कमेटी की समीक्षा के बाद ही मिलेगी. 

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