न्यूजीलैंड दौरे से चार साल बाद टी20 टीम इंडिया में वापसी करने वाले भुवनेश्वर कुमार से सभी को बड़ी उम्मीदें थीं. भुवनेश्वर (भुवी) ने चार साल बाद टीम इंडिया में वापसी की और 36 साल की उम्र में अपने करियर को बचाने की उन पर बड़ी जिम्मेदारी थी. लेकिन न्यूजीलैंड दौरे पर भुवी अपनी गेंदबाजी से उस तरह की स्विंग नहीं हासिल कर सके, जैसी स्विंग के लिए वह जाने जाते थे. भुवी ने न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैच खेले और जब उनको चौथे टी20 से बाहर कर दिया गया, तो सवाल उठने लगे कि अब शायद ही भुवी टीम इंडिया से खेलते नजर आएंगे और उनके करियर का दूसरा कार्यकाल महज छह दिनों के भीतर समाप्त हो चुका है. भुवी को सीनियर तेज गेंदबाज के रूप में टीम इंडिया में लाया गया, लेकिन वह कुछ खास नहीं कर सके, तो अब उनकी फिर से छुट्टी हो सकती है.
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भुवनेश्वर कुमार को क्यों मिला अचानक मौका?
टीम इंडिया के न्यूजीलैंड दौरे पर जसप्रीत बुमराह को टी20 और वनडे सीरीज से पूरी तरह बाहर रखा गया. बुमराह की जगह टीम इंडिया के मैनेजमेंट ने सीनियर तेज गेंदबाज की मांग रखी, तो सेलेक्टर्स ने भुवी को याद करके उनको अचानक शामिल किया.
हालांकि, भुवी पिछले चार सालों से घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में अपनी गेंदबाजी से कहर बरपाते नजर आ रहे थे. भुवी की गेंदबाजी से आरसीबी ने 2025 के बाद 2026 आईपीएल सीजन में भी जीत दर्ज की और अब उनकी टीम इंडिया में वापसी हो चुकी थी.
साल 2022 के जिस न्यूजीलैंड दौरे से भुवी बाहर हुए थे, चार साल बाद उसी न्यूजीलैंड दौरे के लिए उनकी टीम इंडिया में फिर से एंट्री हुई. न्यूजीलैंड की पिच पर सबसे अधिक स्विंग मिलती है और इस कंडीशन को भी देखते हुए भुवी को शामिल किया गया था.
भुवनेश्वर ने 4 साल बाद न्यूजीलैंड में क्या किया?
चार साल बाद भुवी जब टीम इंडिया की जर्सी पहनकर पहला मैच खेलने क्राइस्टचर्च के मैदान पर उतरे, तो कुछ खास नहीं कर सके. भुवी ने नई गेंद से शुरुआत की और पहले मैच में उनके चार ओवर के स्पेल में बल्लेबाजों ने 49 रन बनाए, जबकि भुवी को एक भी विकेट नसीब नहीं हुआ.
चार साल बाद वापसी करने वाले सीनियर तेज गेंदबाज पर गौतम गंभीर वाले टीम इंडिया के मैनेजमेंट ने भरोसा जताए रखा और उनको दूसरे मैच में भी मौका मिला. इस मैच में भुवी ने 50 रन दिए और उनको एक विकेट मिला, तो तीसरे टी20 मैच में फिर से 40 रन देने के बाद भुवी एक भी विकेट नहीं ले सके.
यानी तीन मैच में भुवी ने गेंदबाजी से 139 रन लुटाए, तो उनके नाम एक ही विकेट रहा. इस प्रदर्शन को टीम इंडिया का मैनेजमेंट हजम नहीं कर सका, तो उनको चौथे टी20 मैच से बाहर कर दिया गया.
भुवी की जगह चौथे मैच में कौन आया?
टीम इंडिया ने भुवी की जगह चौथे मैच में बेंच पर बैठे तेज रफ्तार वाले मयंक यादव को शामिल किया. मयंक ने मैदान में आते ही कहर बरपाया और चार ओवर के स्पेल में 48 रन देकर सबसे अधिक तीन विकेट चटकाए. मयंक ने ओपनर टिम साइफर्ट, मिडिल ऑर्डर बैटर डैरिल मिचेल और बेवोन जैकब्स का शिकार किया.
मयंक के अलावा टीम इंडिया के बाकी गेंदबाज सिर्फ एक-एक विकेट ले सके. यानी मयंक ने भुवी की जगह खुद को साबित कर दिया है. इससे पहले मयंक ने न्यूजीलैंड दौरे पर एक और मैच खेला था, जिसमें उन्होंने 40 रन देकर एक विकेट चटकाया था.
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यानी मयंक ने जहां दो मैच में चार विकेट चटकाए, तो भुवी तीन मैच में सिर्फ एक ही विकेट ले सके. यही कारण है कि भविष्य में जब बुमराह टी20 सेटअप में वापस आएंगे, तो टीम इंडिया को उस समय दूसरे सीनियर तेज गेंदबाज की नहीं, बल्कि एक युवा तेज गेंदबाज की जरूरत होगी.
भुवनेश्वर कुमार के लिए क्यों दरवाजे बंद हो जाएंगे?
टीम इंडिया के लिए चार साल बाद वापसी करने वाले भुवनेश्वर कुमार तीन मैच में सिर्फ एक ही विकेट ले सके और वह कुछ खास नहीं कर पाए. भुवी की उम्र 36 साल हो चुकी है और टी20 टीम इंडिया को सीधे साल 2028 में टी20 वर्ल्ड कप और उसी साल ओलंपिक गेम्स में टी20 क्रिकेट खेलना है.
यानी इन दोनों टूर्नामेंट तक भुवी की उम्र 38 साल हो चुकी होगी और उनके लिए शायद ही मैनेजमेंट ने दो साल आगे का प्लान बनाया है. यानी जगजाहिर है कि टीम इंडिया के युवा तेज गेंदबाज मयंक यादव और प्रिंस यादव को इसीलिए लगातार मौके दिए जा रहे हैं, जिससे आने वाले दो सालों में वे टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव प्राप्त कर सकें और खुद को स्थापित कर सकें. जिसके चलते भुवी के लिए अब न्यूजीलैंड दौरे के बाद दरवाजे फिर से बंद हो सकते हैं.
भुवनेश्वर का अंतरराष्ट्रीय करियर
भुवनेश्वर कुमार की बात करें, तो उन्होंने भारत के लिए साल 2012 में टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था. इसके बाद से भुवनेश्वर कुमार टीम इंडिया के लिए साल 2022 तक अंदर और बाहर होते रहे. लेकिन साल 2022 के बाद से उनको पूरी तरह से अलग कर दिया गया और भुवनेश्वर कुमार चार साल तक बाहर रहे.
भुवी ने इस दौरान कमाल का प्रदर्शन किया और आईपीएल 2025 सीजन के 14 मैचों में 17 विकेट हासिल किए थे. इसके बाद आईपीएल 2026 सीजन के 16 मैचों में 28 विकेट हासिल किए थे. इन दोनों सीजन में टीम इंडिया के धाकड़ तेज गेंदबाज भुवी ने आरसीबी के लिए न सिर्फ कहर बरपाया, बल्कि उसे चैंपियन भी बनाया.
भुवी अभी तक आईपीएल के 206 मैचों में 226 विकेट ले चुके हैं और 91 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में उनके नाम 91 विकेट दर्ज हैं. भारत के लिए भुवी ने सिर्फ टी20 अंतरराष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि 121 वनडे मैचों में 141 विकेट और 21 टेस्ट मैचों में 63 विकेट भी हासिल किए.
भुवनेश्वर के पास क्या आखिरी चांस बाकी है?
वर्तमान में टी20 टीम इंडिया के धाकड़ तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार अभी तक कुछ कमाल नहीं कर सके हैं. उनको पहले तीन मैच में खिलाने के बाद टीम इंडिया के मैनेजमेंट ने चौथे मैच से बाहर कर दिया.
अब न्यूजीलैंड दौरे पर अंतिम टी20 मैच एक नवंबर को खेला जाएगा. जिसमें भुवी को अगर मौका मिला और वह खुद को साबित नहीं कर सके, तो फिर उनके करियर पर पूर्ण विराम लग सकता है और ये तेज गेंदबाज फैंस को घरेलू क्रिकेट व आईपीएल में ही खेलता नजर आएगा.
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